प्रयागराज में TGT-PGT Protest लगातार जारी है। पत्थर गिरजाघर क्षेत्र में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थी पुरानी परीक्षा प्रणाली के आधार पर अवसर देने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं।
इसी आंदोलन के बीच धरने के 16वें दिन जौनपुर निवासी प्रतियोगी छात्र विजय बहादुर की आकस्मिक मृत्यु हो गई। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अन्य अभ्यर्थियों में आक्रोश देखने को मिला।
छात्रों ने एकत्र होकर अपने दिवंगत साथी को श्रद्धांजलि दी। वहीं, आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने प्रशासन और शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है।
TGT-PGT Protest के बीच छात्रों में बढ़ा आक्रोश
पत्थर गिरजाघर क्षेत्र में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों का धरना लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी पुरानी परीक्षा प्रणाली के आधार पर अवसर दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि भर्ती परीक्षा की प्रणाली में बदलाव से कई अभ्यर्थियों के सामने नए सवाल खड़े हुए हैं। इसी बीच विजय बहादुर की मौत की खबर से आंदोलन में शामिल छात्रों में रोष बढ़ गया।
प्रदर्शन स्थल पर अभ्यर्थियों ने अपने साथी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद छात्र नेताओं ने भर्ती नियमों और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को फिर उठाया।
छात्र नेताओं ने उठाए नियमावली पर सवाल
आंदोलनरत छात्र नेताओं ने प्रशासन और शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अभ्यर्थी एक अंतिम अवसर की मांग कर रहे हैं।
छात्र नेताओं के मुताबिक, यह मांग उनके भविष्य से जुड़ी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नियमावली से जुड़ी उनकी मांग इतनी कठिन है कि उस पर तत्काल निर्णय नहीं लिया जा सकता।
छात्रों की ओर से लगाए गए इन सवालों और आरोपों पर संबंधित प्रशासन या सरकार का पक्ष इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग
इस मामले में युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने राष्ट्रपति को पत्र भेजा है।
पत्र के माध्यम से उन्होंने पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। साथ ही अभ्यर्थियों के हित में जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।
छात्र नेताओं का कहना है कि भर्ती नियमों से जुड़े विवाद का समाधान निकाला जाना चाहिए। उनका जोर अभ्यर्थियों को अवसर देने की मांग पर है।
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भर्ती के नए नियमों को लेकर क्या है विवाद?
राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में भर्ती के नए नियमों को लेकर कई आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
ज्ञापन के अनुसार, नए नियमों के कारण बड़ी संख्या में युवा खुद को अयोग्य महसूस कर रहे हैं। खास तौर पर प्रवक्ता पद के लिए बीएड की अनिवार्यता और अलग-अलग विषयों की अर्हता में बदलाव का मुद्दा उठाया गया है।
इन बदलावों को लेकर अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति होने की बात कही गई है।
हिंदी और अंग्रेजी विषय को लेकर भी सवाल
ज्ञापन में हिंदी विषय की अर्हता से जुड़े नियम का भी विरोध किया गया है। इसमें इंटरमीडिएट स्तर पर संस्कृत की शर्त को लेकर अभ्यर्थियों की आपत्ति का उल्लेख है।
वहीं, प्रदर्शनकारी छात्र विजय बहादुर अंग्रेजी विषय की तैयारी कर रहे थे।
छात्रों की ओर से उनकी मौत को परीक्षा से जुड़े मानसिक दबाव से जोड़ा गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनकी मृत्यु के कारण की स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि सामने नहीं है।
16वें दिन आंदोलन में सामने आई दुखद घटना
टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों का धरना लगातार 16वें दिन जारी था। इसी दौरान जौनपुर निवासी विजय बहादुर की आकस्मिक मृत्यु की खबर सामने आई।
घटना के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों ने श्रद्धांजलि सभा की। अभ्यर्थियों ने उनकी मौत पर दुख जताया।
छात्र नेताओं ने भर्ती प्रक्रिया और नियमों से जुड़े अपने सवालों को फिर सामने रखा।
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अभ्यर्थियों की मांग पर फैसले का इंतजार
प्रदर्शनकारी पुरानी परीक्षा प्रणाली के आधार पर अवसर देने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा भर्ती नियमों में किए गए बदलावों को लेकर भी उनकी आपत्तियां हैं।
छात्र नेताओं ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों के हित में जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
फिलहाल आंदोलन जारी है। अब छात्रों की मांगों और राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।
TGT-PGT Protest: आगे क्या होगा?
प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन 16वें दिन भी जारी रहा। इसी दौरान एक अभ्यर्थी की आकस्मिक मौत ने आंदोलन को और संवेदनशील बना दिया है।
अभ्यर्थी पुरानी परीक्षा प्रणाली के आधार पर अवसर देने की मांग कर रहे हैं। वहीं, नए भर्ती नियमों में अर्हता से जुड़े बदलावों पर भी सवाल उठा रहे हैं।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग को लेकर पत्र भेजा गया है। अब प्रशासन और संबंधित सरकार की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है, यह आगे की स्थिति तय करेगा।
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