झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े Hemant Soren Land Case में नया अपडेट आया है।
यह मामला बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है।
मामले में कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।
सोमवार को पीएमएलए की विशेष अदालत में सुनवाई हुई।
अदालत ने हेमंत सोरेन की याचिका खारिज कर दी।
इस याचिका में आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकने की मांग थी।
साथ ही, ट्रायल की कार्यवाही स्थगित करने का आग्रह किया गया था।
हालांकि, अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
कोर्ट ने आगे की जांच को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया।
अदालत के अनुसार, आगे की जांच जारी रह सकती है।
इसके बावजूद मूल शिकायत पर आरोप तय हो सकते हैं।
अब मामले में अगली तारीख 24 सितंबर तय हुई है।
उस दिन आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल से जुड़ा है।
मामले में 8.86 एकड़ जमीन का जिक्र है।
ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की है।
इसके बाद पीएमएलए की विशेष अदालत में कार्यवाही शुरू हुई।
मामले में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के आरोप हैं।
इन आरोपों को लेकर न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
वहीं, हेमंत सोरेन की ओर से भी अदालत में याचिका दी गई।
याचिका में आगे की कार्रवाई रोकने की मांग की गई थी।
अदालत ने अब इस मांग को खारिज कर दिया है।
इसलिए मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सोमवार को क्यों नहीं हो सकी पेशी?
सोमवार को हेमंत सोरेन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी होनी थी।
हालांकि, सिविल कोर्ट में सर्वर डाउन हो गया।
इस तकनीकी समस्या के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नहीं हो सकी।
इसके बाद अदालत ने अगली तारीख तय की।
अब 24 सितंबर को मामले में आगे सुनवाई होगी।
इसी दिन आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकने की मांग क्यों हुई?
हेमंत सोरेन की ओर से अलग याचिका दाखिल की गई थी।
इस याचिका में ट्रायल रोकने की मांग की गई।
बचाव पक्ष ने आगे की जांच का हवाला दिया।
अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के कई आदेशों का जिक्र किया।
उनका तर्क था कि ईडी की जांच अभी जारी है।
ईडी ने पूरक शिकायत की संभावना भी बताई है।
ऐसे में बचाव पक्ष ने प्रक्रिया रोकने की मांग की।
उसका कहना था कि जांच पहले पूरी होनी चाहिए।
इसके बाद ही आरोप तय करने की प्रक्रिया होनी चाहिए।
साथ ही, ट्रायल की कार्यवाही भी बाद में शुरू हो।
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बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
बचाव पक्ष ने जांच जारी रहने की बात रखी।
अधिवक्ता ने अदालत के सामने कई कानूनी पहलू रखे।
उनका तर्क था कि मामले में आगे जांच बाकी है।
इसलिए आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकना जरूरी है।
साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया गया।
इन आदेशों के आधार पर अदालत से राहत मांगी गई।
हालांकि, अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
इसके बाद याचिका खारिज कर दी गई।
ईडी ने याचिका का किया विरोध
ईडी ने हेमंत सोरेन की याचिका का विरोध किया।
एजेंसी के विशेष लोक अभियोजक ने अपनी दलील रखी।
ईडी का कहना था कि आगे की जांच चल सकती है।
इसके बावजूद मूल शिकायत पर आरोप तय हो सकते हैं।
इसके अलावा, ईडी ने याचिका पर भी सवाल उठाए।
एजेंसी ने इसे कार्यवाही में देरी की रणनीति बताया।
हालांकि, यह ईडी की ओर से रखा गया पक्ष है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
कोर्ट ने हेमंत सोरेन की याचिका खारिज कर दी।
आगे की जांच को लेकर कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने आगे की जांच के मुद्दे पर स्थिति साफ की।
कोर्ट ने कहा कि जांच जारी रह सकती है।
इसके बावजूद मूल शिकायत पर प्रक्रिया नहीं रुकती।
इसलिए आरोप तय करने की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
इसी आधार पर अदालत ने याचिका खारिज कर दी।
अब मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
24 सितंबर को क्या होगा?
अब सभी की नजर 24 सितंबर की सुनवाई पर है।
इस दिन पीएमएलए की विशेष अदालत में सुनवाई होगी।
अदालत आरोप तय करने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ेगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी भी प्रस्तावित है।
पहले तकनीकी समस्या के कारण पेशी नहीं हो सकी थी।
इस वजह से अदालत ने नई तारीख तय की।
अब 24 सितंबर को आगे की कार्रवाई होगी।
इसके बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
इस मामले में हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
उन्होंने विशेष अदालत की कार्यवाही पर रोक मांगी थी।
18 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने मांग खारिज कर दी।
इसके बाद विशेष अदालत की कार्यवाही जारी रही।
इससे पहले डिस्चार्ज याचिका भी खारिज हो चुकी थी।
इसके बाद मामला आरोप तय करने के चरण तक पहुंचा।
वहीं, हाईकोर्ट में भी मामले को लेकर सुनवाई हुई।
कोर्ट ने विशेष अदालत की कार्यवाही रोकने से इनकार किया।
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डिस्चार्ज याचिका भी हो चुकी है खारिज
पीएमएलए की विशेष अदालत में डिस्चार्ज याचिका दाखिल हुई थी।
हेमंत सोरेन की ओर से यह याचिका दी गई थी।
अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।
इसके बाद मामले की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
अब आरोप तय करने की प्रक्रिया अगला चरण है।
24 सितंबर को इसी प्रक्रिया पर सुनवाई होगी।
Hemant Soren Land Case में अब आगे क्या होगा?
Hemant Soren Land Case में अब 24 सितंबर अहम तारीख है।
इस दिन पीएमएलए की विशेष अदालत में सुनवाई होगी।
अदालत पहले ही याचिका खारिज कर चुकी है।
इसलिए आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक नहीं है।
इसके अलावा, आगे की जांच भी जारी रह सकती है।
दोनों प्रक्रियाएं अपने स्तर पर आगे बढ़ सकती हैं।
वहीं, मामले में लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला बाकी है।
अभी अदालत ने आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
इसलिए आरोपों को अंतिम दोष सिद्धि नहीं माना जा सकता।
मामले का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आएगा।
बड़गाईं जमीन मामले में क्यों महत्वपूर्ण है 24 सितंबर?
बड़गाईं जमीन मामले में 24 सितंबर की तारीख अहम है।
इस दिन आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
इससे पहले हेमंत सोरेन की याचिका खारिज हुई।
हाईकोर्ट से भी कार्यवाही रोकने की मांग स्वीकार नहीं हुई।
इसके बाद अब विशेष अदालत में प्रक्रिया जारी है।
फिलहाल अगली कार्रवाई 24 सितंबर को होनी है।
इसी बीच, मामले की आगे की जांच भी चल सकती है।
हालांकि, इसका असर अदालत की मौजूदा प्रक्रिया पर नहीं पड़ा है।
Hemant Soren Land Case में अब अगली सुनवाई पर नजर रहेगी।
24 सितंबर की कार्रवाई से मामले की अगली स्थिति साफ होगी।
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