JDU UP Election 2027 को लेकर जनता दल यूनाइटेड ने उत्तर प्रदेश में अपनी संगठनात्मक और चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी की ओर से करीब 60 विधानसभा सीटों पर तैयारी की बात कही गई है। खास तौर पर पूर्वांचल के इलाकों में संगठन मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
जेडीयू उत्तर प्रदेश में NDA के साथ चुनाव लड़ने की इच्छा पहले ही जाहिर कर चुकी है। हालांकि, सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम तस्वीर अभी साफ नहीं है। पार्टी के यूपी प्रभारी और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार के मुताबिक गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है।
वहीं, पार्टी के नेताओं की ओर से यह भी कहा गया है कि सहमति नहीं बनने की स्थिति में जेडीयू करीब 50 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है।
जेडीयू ने हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार पर जोर बढ़ाया है। जुलाई में लखनऊ में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में 2027 के चुनाव की तैयारियों और संगठन विस्तार पर चर्चा हुई थी। अगस्त में मेरठ में भी श्रवण कुमार ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी।
वाराणसी से चुनावी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की तैयारी
जेडीयू के कार्यक्रम के मुताबिक 25 अक्टूबर को वाराणसी में कार्यकर्ता सम्मेलन प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम में निशांत कुमार के शामिल होने की बात कही गई है।
पार्टी इस सम्मेलन के जरिए उत्तर प्रदेश में अपने संगठन और चुनावी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इसके साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
जुलाई में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में भी मंडल, जिला और विधानसभा स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने की योजना पर चर्चा हुई थी।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर
जेडीयू की यूपी इकाई लगातार संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की बात कह रही है। अगस्त में मेरठ की बैठक में भी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करने पर जोर दिया गया था।
सितंबर में भी जेडीयू की ओर से यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने की बात कही गई। पार्टी के कार्यक्रमों में संगठन विस्तार और मजबूत बूथ पर विशेष जोर दिखाई दिया।
60 सीटों पर तैयारी, NDA के साथ सीट शेयरिंग पर नजर
जेडीयू प्रवक्ता कुंवर अजय सिंह के मुताबिक पार्टी उत्तर प्रदेश की करीब 60 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी कर रही है। पार्टी की इच्छा NDA के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की है।
जेडीयू की ओर से गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी की अपेक्षा भी जताई गई है। हालांकि, सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
इससे पहले जुलाई में श्रवण कुमार ने यूपी में NDA के घटक के तौर पर चुनाव लड़ने की इच्छा और सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग की थी। वहीं, अगस्त में उन्होंने यूपी विधानसभा चुनाव में जेडीयू के उम्मीदवार उतारने की बात कही थी।
सहमति नहीं बनी तो क्या होगा?
पार्टी की ओर से यह संकेत दिया गया है कि अगर NDA के साथ सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनती है, तो जेडीयू करीब 50 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर सकती है।
इसलिए JDU UP Election 2027 में फिलहाल दो बातें अहम हैं। पहली, पार्टी किन सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत करती है। दूसरी, NDA के भीतर सीट शेयरिंग पर क्या सहमति बनती है।
पूर्वांचल की सीटों पर जेडीयू का फोकस
जेडीयू की चुनावी तैयारियों में पूर्वांचल को महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया जा रहा है। पार्टी की ओर से गाजीपुर, बलिया, चंदौली और सोनभद्र जैसे इलाकों में संगठन मजबूत करने की बात कही गई है।
पार्टी नेताओं के मुताबिक बिहार से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में संगठन विस्तार की संभावनाएं हैं। इसी वजह से इन क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू इन क्षेत्रों से कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। यह तस्वीर आगे गठबंधन और सीट बंटवारे की बातचीत के बाद साफ होगी।
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निशांत कुमार की राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ीं
निशांत कुमार की जेडीयू के कार्यक्रमों में सक्रियता भी चर्चा में है। पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने संगठन को मजबूत करने और जेडीयू की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने की बात कही थी।
हाल के कार्यक्रमों में भी उनकी भागीदारी देखने को मिली है। वाराणसी में प्रस्तावित कार्यकर्ता सम्मेलन में उनके शामिल होने की बात कही गई है।
ऐसे में पार्टी के उत्तर प्रदेश अभियान में उनकी भूमिका पर भी नजर बनी हुई है।
यूपी में जेडीयू की तैयारी का अगला चरण क्या होगा?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए जेडीयू ने फिलहाल संगठन विस्तार और संभावित सीटों पर तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी की ओर से करीब 60 सीटों का लक्ष्य बताया गया है।
वहीं, NDA के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है। सीटों के बंटवारे पर अंतिम सहमति होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जेडीयू कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
फिलहाल पार्टी का फोकस पूर्वांचल समेत उन क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने पर है, जहां वह अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
2027 के चुनाव को लेकर अभी अंतिम चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है। इसलिए जेडीयू की बताई गई सीटों की संख्या को फिलहाल पार्टी की तैयारी और दावे के तौर पर देखा जाना चाहिए। उम्मीदवारों और सीटों को लेकर अंतिम तस्वीर आगे की राजनीतिक बातचीत के बाद स्पष्ट होगी।
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