टूटे पैर पर प्लास्टर की जगह लपेटा गया कार्डबोर्ड
जहानाबाद जिला सदर अस्पताल से सामने आई एक तस्वीर ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। आरोप है कि एक मरीज के टूटे पैर में प्लास्टर की जगह कार्डबोर्ड यानी गत्ता लपेटकर उसे पटना रेफर कर दिया गया।
राजधानी पटना से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित जहानाबाद सदर अस्पताल की इस घटना को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
मामला सामने आने के बाद राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में राज्य की वित्तीय स्थिति का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जिला अस्पतालों में मरीजों को प्राथमिक उपचार तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
Tejashwi Yadav ने सरकार पर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने कहा कि यह घटना केवल एक अस्पताल की व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि इससे राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
उनके मुताबिक, एक सामान्य फ्रैक्चर के इलाज के लिए भी मरीज को राजधानी रेफर किया जाना यह बताता है कि जिला स्तर के अस्पतालों में जरूरी संसाधनों और सुविधाओं की स्थिति क्या है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
तेजस्वी ने अपने पोस्ट में सरकार की नीतियों और उनके क्रियान्वयन को भी निशाने पर लिया।
‘17 महीने के बदलाव’ का किया जिक्र
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में अपने 17 महीने के पूर्व कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था में कई सुधार किए गए थे।
उनका कहना है कि उस समय लिए गए सुधारात्मक फैसलों और नीतियों का मौजूदा समय में सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है।
इसी संदर्भ में उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा।
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‘स्वास्थ्य विभाग खुद ICU में चला गया है’
जहानाबाद सदर अस्पताल की घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तंज भी कसा। विपक्ष की ओर से कहा गया कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग खुद ही ICU में चला गया है, जबकि अस्पतालों में मरीजों को फर्स्ट एड जैसी बुनियादी सुविधाएं भी आसानी से नहीं मिल पा रही हैं।
तेजस्वी यादव ने भी अपनी पोस्ट के जरिए सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
विपक्ष का आरोप है कि यदि जिला अस्पताल में फ्रैक्चर जैसे सामान्य मामले में भी मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद राजधानी रेफर करना पड़े और पैर को स्थिर करने के लिए प्लास्टर की जगह कार्डबोर्ड का इस्तेमाल किया जाए, तो यह जिला स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़ा करता है।
हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से घटना और उपचार की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी इस दिए गए विवरण में नहीं है।
21 साल के शासन पर भी तेजस्वी ने उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने बिहार में पिछले 21 साल से एनडीए सरकार होने का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरत के क्षेत्र में इतने लंबे समय के बाद भी यदि मरीजों को जरूरी प्राथमिक उपचार उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तो सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
विपक्ष ने चुनावी राजनीति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। आरोप लगाया गया कि चुनाव के समय सत्ताधारी दल और प्रधानमंत्री बिहार आकर ‘जंगलराज’ जैसे मुद्दों को उठाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद आम लोगों से जुड़े बुनियादी सवाल पीछे छूट जाते हैं।
तेजस्वी यादव ने प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए।
जिला अस्पतालों में संसाधनों को लेकर सवाल
जहानाबाद की घटना ने जिला अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है।
तेजस्वी यादव का कहना है कि एक साधारण फ्रैक्चर के मामले में मरीज को पटना रेफर किया जाना जिला अस्पताल की क्षमता पर सवाल खड़ा करता है।
विपक्ष का आरोप है कि जिला स्तर पर दवाइयों, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए, ताकि मरीजों को हर छोटी समस्या के लिए राजधानी का रुख न करना पड़े।
इस पूरे मामले में सामने आई तस्वीर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष इसे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली से जोड़कर सरकार को घेर रहा है।
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जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग
विपक्ष ने ऐसी लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही जिला अस्पतालों में दवाइयों और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
मामले की वास्तविक स्थिति और अस्पताल स्तर पर हुई कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
जहानाबाद की तस्वीर पर गरमाई बिहार की सियासत
जहानाबाद सदर अस्पताल में मरीज के टूटे पैर पर प्लास्टर की जगह कार्डबोर्ड लगाए जाने की तस्वीर अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है।
एक तरफ विपक्ष इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का उदाहरण बता रहा है, वहीं तेजस्वी यादव ने इस मामले के जरिए राज्य सरकार की नीतियों और उनके क्रियान्वयन पर सवाल उठाए हैं।
Tejashwi Yadav ने अपने पोस्ट में 17 महीने के अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान किए गए सुधारों का हवाला देते हुए मौजूदा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। साथ ही उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति और जिला अस्पतालों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार को घेरा।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि जिला अस्पतालों में मरीजों को प्राथमिक स्तर पर कितनी सुविधाएं उपलब्ध हैं। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और जिम्मेदारी तय करने को लेकर विपक्ष कार्रवाई की मांग कर रहा है।
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