आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए।
तेजस्वी यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव कराने की मांग की।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।
उनके मुताबिक, संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, ये सभी आरोप तेजस्वी यादव की ओर से लगाए गए हैं।
चुनाव आयोग पर क्या बोले तेजस्वी यादव?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है।
उन्होंने आयोग पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।
तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए हैं।
उन्होंने दावा किया कि आयोग को सरकार के दबाव से मुक्त होना चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने चुनाव नतीजों को लेकर भी सवाल उठाए।
तेजस्वी ने कुछ राज्यों के चुनाव परिणामों में गड़बड़ी का आरोप लगाया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती है।
बिहार और बंगाल में फिर चुनाव की मांग
तेजस्वी यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव कराने की मांग की।
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए यह मांग रखी।
उनका कहना है कि चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब मिलना चाहिए।
साथ ही, चुनाव आयोग को इन आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूदा चुनावों और चुनाव प्रबंधन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है।
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मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर भी सवाल
तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने पुराने नियुक्ति तंत्र का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका थी।
वहीं, उन्होंने मौजूदा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए।
हालांकि, नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े कानूनी प्रावधान अलग विषय हैं।
इसलिए तेजस्वी के राजनीतिक आरोपों को उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
ज्ञानेश कुमार पर भी लगाए आरोप
तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है।
वर्तमान में ज्ञानेश कुमार भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।
ECI की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें CEC के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
इसी बीच, चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर एक रिपोर्ट भी सामने आई है।
The Indian Express ने दो चुनाव आयुक्तों की कुछ फैसलों पर दर्ज आपत्तियों की रिपोर्ट प्रकाशित की है।
लेकिन, इस रिपोर्ट को तेजस्वी यादव के सभी आरोपों की पुष्टि के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।
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मोदी-शाह पर भी तेजस्वी ने साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने ED, CBI और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों को लेकर भी सवाल उठाए।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं का विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है।
वहीं, केंद्र सरकार और भाजपा की ओर से ऐसे आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर विपक्ष के दावों को खारिज किया जाता रहा है।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोप
चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्षी दलों की ओर से पहले भी सवाल उठाए गए हैं।
मार्च 2026 में पश्चिम बंगाल चुनाव की तैयारियों के दौरान आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए थे।
वहीं, हालिया रिपोर्टों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी नेताओं की आपत्तियों का भी जिक्र है।
इस बीच, चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों के तहत चुनाव प्रक्रिया संचालित कर रहा है।
आयोग की वेबसाइट पर मौजूदा चुनावों और चुनाव प्रबंधन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है।
Tejashwi Yadav on Election Commission: अब आगे क्या? (H2)
Tejashwi Yadav के बयान के बाद चुनाव आयोग की भूमिका एक बार फिर राजनीतिक बहस में है।
तेजस्वी यादव ने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने बिहार और बंगाल में दोबारा चुनाव कराने की मांग भी रखी है।
फिलहाल, यह उनकी राजनीतिक मांग और आरोप हैं।
इन दावों पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
वहीं, आगे इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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