नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को दोहराया और युवाओं, महिलाओं, आर्थिक आत्मनिर्भरता व रणनीतिक विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

ऐतिहासिक ‘वंदे मातरम्’ की गूंज150 वर्ष पूरे होने पर सम्मान: वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर स्वतंत्रता दिवस के मुख्य आधिकारिक कार्यक्रम में पहली बार लाल किले से इसकी धुन बजाई गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर देशवासी का दिल ‘वंदे मातरम्’ के नाद से गूंज रहा है।
‘सप्तधारा’ का मंत्र और विकास का संकल्पसप्तधारा का आह्वान: देश की ताकत को बढ़ाने के लिए पीएम ने ‘सप्तधारा’ (ताकत की सात धाराओं) का इस्तेमाल करने की अपील की। सप्तधारा में पहली शक्ति मैनुफक्चरिंग पावर, दूसरी शक्ति फूड प्रोसेसिंग, तीसरी शक्ति टेक्नोलॉजी और इनोग्रेशन, चौथी शक्ति गति शक्ति, पांचवी शक्ति रक्षा शक्ति, छठी शक्ति ग्रीन इकोनॉमी और सातंवी शक्ति स्वपावर पावर को बताया।
उन्होंने दावा किया कि देश ‘सप्तधारा’ के संकल्प से अगले 5 से 7 वर्षों में वह सब हासिल करेगा, जो पिछले 5 से 7 दशकों में नहीं हो सका।विकसित भारत: 1.4 अरब भारतीयों के सामूहिक प्रयासों से साल 2047 तक भारत को एक पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तय किया गया है.
युवाओं और शिक्षा के लिए बड़ी घोषणाएं:
करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग: उभरती हुई आधुनिक तकनीकों को ध्यान में रखते हुए देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी।
फ्री ऑनलाइन कोचिंग: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए सरकार मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करेगी।
जनगणना में भागीदारी: पीएम मोदी ने देश के युवाओं से आगामी जनगणना (Census) के काम में बढ़-चढ़कर और तकनीकी रूप से सक्रियता से जुड़ने का आग्रह किया
पीएम ने आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भर भारत की बात करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। बीते 12 वर्षों में भारत का डिफेंस प्रोडक्शन 4 गुना, खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादन 5 गुना, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग 7 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि भारत में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं, और अगले 7-8 वर्षों में कई और नए प्लांट चालू किए जाएंगे। दुनिया भर में ईंधन, खाद और दवाओं को ‘वेपनाइज्ड’ (हथियार की तरह इस्तेमाल) किया जा रहा है, ऐसे समय में आत्मनिर्भर भारत का संकल्प ही देश की ढाल है।

