लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही आने वाले 6 से 7 वर्षों में पांच नए परमाणु रिएक्टर चालू करने की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने परमाणु ऊर्जा को भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और एनर्जी सिक्योरिटी का अहम आधार बताया। उनका कहना है कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को पर्याप्त, भरोसेमंद और लंबे समय तक उपलब्ध ऊर्जा की जरूरत होगी।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इससे परमाणु ईंधन के मामले में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत को बड़ी ताकत मिलने की उम्मीद है।
सरकार पहले ही न्यूक्लियर एनर्जी मिशन के तहत 2047 तक 100 GW की क्षमता का लक्ष्य तय कर चुकी है। इस मिशन में स्वदेशी तकनीक और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर यानी SMR जैसी नई तकनीकों पर भी जोर दिया जा रहा है।
यानी लाल किले से पीएम मोदी का संदेश साफ है—भारत की विकास यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा सबसे अहम कड़ी होगी और परमाणु ऊर्जा आने वाले वर्षों में देश की पावर जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
2047 में आजादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ अब ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़ा रोडमैप सामने आ चुका है।

