राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के मौके पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में भारत की प्राचीन आयुर्वेद परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने आयुर्वेद को स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग दिखाने वाली समृद्ध विरासत बताया।
5,000 साल पुरानी आयुर्वेद परंपरा का किया जिक्र
निशांत कुमार ने अपने संदेश में भारत की करीब 5,000 वर्ष पुरानी आयुर्वेद परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा सदियों से स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग दिखाती आई है।
उनके मुताबिक, आयुर्वेद भारत की समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे आगे बढ़ाने के लिए पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।
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आयुर्वेद को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संदेश में साक्ष्य-आधारित वैज्ञानिक शोध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय के जरिए आयुर्वेद को स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
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राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर दिया संदेश
निशांत कुमार ने कहा कि भारत की इस समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हुए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना संकल्प है।
उन्होंने इसी संदेश के साथ राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
फिलहाल, स्वास्थ्य मंत्री का यह संदेश आयुर्वेद की पारंपरिक विरासत और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच समन्वय पर केंद्रित रहा।


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