दिल्ली में 4 अक्टूबर को होगा ‘बिहारी स्वाभिमान सम्मेलन’
बिहार से बाहर रहने वाले बिहारियों को एक मंच पर लाने और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक विचार-विमर्श करने के उद्देश्य से ‘बिहारी स्वाभिमान सम्मेलन’ का दूसरा अध्याय 4 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों के मुताबिक, सम्मेलन का उद्देश्य बिहार से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाकर राज्य की चुनौतियों, संभावनाओं और विकास को लेकर सार्थक चर्चा करना है।
कार्यक्रम केदार नाथ साहनी ऑडिटोरियम, अजमेरी गेट, दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन की जानकारी देने के लिए पटना के होटल पाटलिपुत्र एग्जोटिका में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें शुभ सीता फाउंडेशन की संस्थापक-निदेशक, सामाजिक कार्यकर्ता और बिहारी स्वाभिमान सम्मेलन की संस्थापक कार्यकर्ता मनोरमा झा ने कार्यक्रम की जानकारी दी।
बिहार के विकास पर होगा राजनीतिक विचारों से ऊपर उठकर मंथन
मनोरमा झा ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के अलग-अलग शहरों और राज्यों में रह रहे बिहारवासियों को एक मंच पर लाकर बिहार से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा करना है।
उनके मुताबिक, बिहार कई चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे में राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर निष्पक्ष और सार्थक विमर्श की जरूरत है।
सम्मेलन में चर्चा के बाद बिहार की बेहतरी के लिए व्यावहारिक सुझाव और कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजकों का मानना है कि बिहार से बाहर रह रहे लोग भी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी सोच को मजबूत करने के लिए सम्मेलन को एक साझा मंच के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
Bihari Swabhiman Sammelan: प्रवासी बिहारियों को जोड़ने पर जोर
‘बिहारी स्वाभिमान सम्मेलन’ के जरिए बिहार से बाहर रह रहे उद्योगपतियों, विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों को जोड़ने की योजना है।
आयोजकों के अनुसार, बिहार से बाहर रहने वाले लोगों के अनुभव और विशेषज्ञता का इस्तेमाल राज्य के विकास से जुड़े विचार-विमर्श में किया जा सकता है।
इसी उद्देश्य से दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया है।
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई हस्तियों को न्योता
मनोरमा झा के मुताबिक, दिल्ली सम्मेलन के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई प्रमुख लोगों को निमंत्रण भेजा गया है।
आमंत्रित लोगों की सूची में राज्यसभा सदस्य डॉ. धर्मशिला गुप्ता, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव ऋतुराज सिन्हा, प्रशांत किशोर, वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और अभिनेता पंकज त्रिपाठी समेत कई नाम शामिल हैं।
इसके अलावा श्रेयसी सिंह, बिहार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी, अभिनेता शेखर सुमन, मंत्री नीतीश मिश्र, राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह, नित्या पाठक, जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह, सीमा सिंह और अभिनेत्री अक्षरा सिंह समेत कई अन्य लोगों को भी निमंत्रण भेजे जाने की जानकारी दी गई।
आयोजकों ने बिहार से बाहर रहकर अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे उद्योगपतियों और विशेषज्ञों को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया है।
पटना में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस
सम्मेलन को लेकर पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बिहार कैडर के वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विजय प्रकाश, भारतीय स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त सहायक महाप्रबंधक उमेश मिश्र, साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता सदफ इकबाल और राजनीतिक विश्लेषक रामबंधु वत्स मौजूद रहे।
इस दौरान सम्मेलन के उद्देश्य और आगे की योजना को लेकर जानकारी साझा की गई।
Bihari Swabhiman Sammelan: मुंबई के बाद अब दिल्ली में सम्मेलन का दूसरा अध्याय
‘बिहारी स्वाभिमान सम्मेलन’ का पहला संस्करण 14 जून को मुंबई में आयोजित किया गया था।
अब इसका दूसरा अध्याय दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में सम्मेलन को देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की योजना है।
इसका उद्देश्य अलग-अलग शहरों में रह रहे बिहारियों को एक साझा मंच से जोड़ना और बिहार के विकास को लेकर संवाद को आगे बढ़ाना है।
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सम्मेलन से क्या हासिल करना चाहते हैं आयोजक?
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन केवल बिहारियों को एक जगह इकट्ठा करने का कार्यक्रम नहीं है। इसका मकसद बिहार से जुड़े मुद्दों पर गंभीर और सार्थक बातचीत करना है।
मनोरमा झा के मुताबिक, राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य के विकास पर चर्चा की जानी चाहिए। इसके बाद जो सुझाव सामने आएं, उन्हें व्यावहारिक कार्ययोजना की दिशा में ले जाने का प्रयास होना चाहिए।
इस पहल में प्रवासी बिहारियों को भी महत्वपूर्ण भागीदार के तौर पर देखा जा रहा है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे बिहार के लोग उद्योग, शिक्षा, सामाजिक क्षेत्र, राजनीति, कला और अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। सम्मेलन के जरिए ऐसे लोगों को बिहार के विकास से जुड़े विमर्श में शामिल करने की कोशिश की जा रही है।
Bihari Swabhiman Sammelan: देश के दूसरे हिस्सों तक ले जाने की तैयारी
आयोजकों ने बताया कि ‘बिहारी स्वाभिमान सम्मेलन’ को भविष्य में देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की योजना है।
इससे अलग-अलग शहरों में रहने वाले बिहारियों को स्थानीय स्तर पर एक-दूसरे से जुड़ने और बिहार से जुड़े विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिल सकता है।
दिल्ली में होने वाला सम्मेलन इसी पहल की अगली कड़ी है।
4 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में बिहार के विकास, राज्य की चुनौतियों और प्रवासी बिहारियों की भूमिका पर चर्चा को केंद्र में रखा जाएगा।
कुल मिलाकर, Bihari Swabhiman Sammelan के दूसरे अध्याय के जरिए आयोजक बिहार से बाहर रह रहे लोगों को राज्य के विकास की चर्चा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना होगा कि दिल्ली में होने वाले इस सम्मेलन से कौन से सुझाव और विचार सामने आते हैं और उन्हें आगे किस रूप में आगे बढ़ाया जाता है।
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