बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा के तटवर्ती जिलों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और जरूरत पड़ने पर वहीं कैंप करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जाए और स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।
Bihar Flood की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत बक्सर से कटिहार तक गंगा किनारे बसे 13 जिलों में विशेष निगरानी की जाएगी।
बक्सर से कटिहार तक 13 जिलों में विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गंगा किनारे बसे जिलों में प्रशासनिक निगरानी बढ़ाई जाएगी। बक्सर से कटिहार तक के 13 जिलों में बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव अभियान पर विशेष नजर रखी जाएगी।
इनमें बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार समेत अन्य तटवर्ती जिले शामिल हैं।
इन जिलों में प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय करेंगे। उनका उद्देश्य बाढ़ की स्थिति का जायजा लेना और राहत-बचाव अभियान की समीक्षा करना होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों में प्रशासन को पूरी तरह सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। जरूरत के अनुसार प्रभारी मंत्री और सचिव प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा लेंगे।
प्रभावित क्षेत्रों में कैंप करने का निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का निर्देश दिया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें वहीं कैंप करने को भी कहा गया है।
इस दौरान स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली जाएगी। साथ ही राहत और बचाव कार्यों की भी निगरानी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
पटना में शहरी तटबंध पर खास नजर
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना शहर को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने पटना शहरी सुरक्षा तटबंध और उसके आसपास के इलाकों पर खास नजर रखने को कहा है। इसके लिए पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को आपसी समन्वय के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
पटना में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के बीच प्रशासनिक स्तर पर स्थिति की निगरानी की जा रही है।
गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर HFL से भी ऊपर
जल संसाधन विभाग के मुताबिक शनिवार सुबह 9 बजे पटना के गांधी घाट गेज स्थल पर गंगा का जलस्तर 50.51 मीटर दर्ज किया गया था।
यह खतरे के निशान से 1.91 मीटर ऊपर था। उस समय भी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने की प्रवृत्ति में था।
गंगा का जलस्तर अपने उच्चतम बाढ़ स्तर यानी HFL 50.52 मीटर के बेहद करीब पहुंच चुका था।
इसके बाद सुबह करीब 10 बजे गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया। यानी जलस्तर अपने बताए गए उच्चतम बाढ़ स्तर से भी ऊपर पहुंच गया।
जलस्तर में इस बढ़ोतरी के बीच प्रशासन की ओर से तटवर्ती और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने की कवायद की जा रही है।
पांच विभागों ने की उच्चस्तरीय बैठक
गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति के बीच शनिवार को बिहार सरकार के पांच विभागों ने आपसी समन्वय के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।
बैठक में बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय सिंह, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा शामिल हुए।
बैठक में गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था और आम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए किए जा रहे उपायों पर भी चर्चा हुई।
राहत-बचाव अभियान पर सरकार की नजर
Bihar Flood की स्थिति को देखते हुए सरकार का जोर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी पर है। मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रभावित इलाकों का जायजा लेने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने और हालात पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है।
वहीं, पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए शहरी सुरक्षा तटबंध और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी को भी प्राथमिकता दी गई है। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को मिलकर तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट
बिहार में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तटवर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। बक्सर से कटिहार तक 13 जिलों में प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति का जायजा लेंगे।
गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर तक पहुंचने और बताए गए HFL से ऊपर जाने के बाद पटना पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
इसके साथ ही बिहार सरकार के पांच विभागों की उच्चस्तरीय बैठक में बाढ़ की स्थिति, राहत व्यवस्था और बचाव की तैयारियों की समीक्षा की गई।
फिलहाल सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने, प्रशासनिक निगरानी मजबूत रखने और जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करने पर जोर दिया जा रहा है।
Bihar Flood के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने और बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

