Bihar BharatNet के तहत अब गांवों में इंटरनेट की पहुंच पंचायत भवन तक सीमित नहीं रहेगी। संशोधित भारतनेट योजना के तहत सरकारी संस्थानों के साथ ग्रामीण परिवारों को भी सीधे फाइबर कनेक्शन से जोड़ने की तैयारी है। इससे गांवों में ऑनलाइन सेवाओं, पढ़ाई, स्वास्थ्य और दूसरे जरूरी ऑनलाइन कामों के लिए बेहतर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
इसके लिए बिहार सरकार और केंद्र के बीच पहले से हुए समझौते में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि वर्ष के अंत तक नेटवर्क विस्तार की कवायद शुरू हो जाएगी।
संशोधित योजना में केवल इंटरनेट कनेक्शन बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नेटवर्क को अधिक भरोसेमंद बनाने की भी तैयारी है। इसके लिए करीब 99 प्रतिशत नेटवर्क अपटाइम का लक्ष्य रखा गया है।
Bihar Bharat Net में अब क्या बदलेगा?
संशोधित भारतनेट योजना के तहत गांवों में इंटरनेट नेटवर्क का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। अभी तक भारतनेट के जरिए पंचायत स्तर तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने पर जोर रहा है। अब सरकारी संस्थानों और ग्रामीण परिवारों को भी सीधे फाइबर नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
इस बदलाव का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की पहुंच को ज्यादा व्यापक बनाना है। इसके तहत पंचायत स्तर पर मौजूद कई महत्वपूर्ण संस्थानों को फाइबर कनेक्शन से जोड़ने की तैयारी है।
इसके साथ ही व्यक्तिगत घरों तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए फाइबर टू द होम यानी FTTH पर भी जोर दिया जाएगा।
गांवों के सरकारी संस्थानों को मिलेगा फाइबर कनेक्शन
योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों को फाइबर नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है।
इसमें स्कूल, पुलिस थाना, आंगनबाड़ी, डाकघर, स्वास्थ्य केंद्र, सहकारी संस्थाएं और कृषि विज्ञान केंद्र शामिल हैं।
इन संस्थानों को फाइबर से जोड़ने का उद्देश्य गांवों में इंटरनेट आधारित सेवाओं के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इससे इन संस्थानों में ऑनलाइन कामकाज के लिए नेटवर्क सुविधा को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेट का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत जरूरतों तक सीमित नहीं है। स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और दूसरे संस्थानों के लिए भी भरोसेमंद कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। संशोधित योजना में इसी दिशा में नेटवर्क विस्तार की तैयारी की जा रही है।
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स्कूल से स्वास्थ्य केंद्र तक कनेक्टिविटी पर जोर
भारतनेट के नए स्वरूप में गांव के अलग-अलग महत्वपूर्ण संस्थानों को एक मजबूत फाइबर नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा पढ़ाई से जुड़े ऑनलाइन कामों के लिए उपयोगी हो सकती है। वहीं स्वास्थ्य केंद्र, डाकघर और अन्य संस्थानों में भी ऑनलाइन सेवाओं के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
अब ग्रामीण घरों तक पहुंचेगा इंटरनेट
संशोधित भारतनेट योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा फाइबर टू द होम यानी FTTH है। इसके माध्यम से व्यक्तिगत ग्रामीण घरों तक फाइबर इंटरनेट पहुंचाने की तैयारी है।
इसका मतलब है कि गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी केवल पंचायत भवन या सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगी। ग्रामीण परिवारों को भी सीधे फाइबर कनेक्शन से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
इससे गांव के लोगों को ऑनलाइन पढ़ाई, सरकारी सेवाओं, स्वास्थ्य से जुड़े ऑनलाइन काम और दूसरी इंटरनेट आधारित सुविधाओं के लिए बेहतर कनेक्शन मिल सकेगा।
99 प्रतिशत नेटवर्क अपटाइम का लक्ष्य
भारतनेट के नए स्वरूप में नेटवर्क को ज्यादा भरोसेमंद बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए करीब 99 प्रतिशत नेटवर्क अपटाइम का लक्ष्य रखा गया है।
यानी नेटवर्क को ज्यादा समय तक चालू और उपलब्ध रखने की कोशिश की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की उपयोगिता तभी बढ़ेगी, जब कनेक्टिविटी नियमित और भरोसेमंद हो।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक के साथ रिंग टोपोलॉजी अपनाने की तैयारी है।
रिंग टोपोलॉजी से कैसे मजबूत होगा नेटवर्क?
रिंग टोपोलॉजी में नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों को एक रिंग के रूप में जोड़ा जाता है। इसका फायदा यह होगा कि नेटवर्क के किसी एक हिस्से में तकनीकी खराबी आने पर दूसरे रास्ते से इंटरनेट सेवा जारी रखने में मदद मिलेगी।
इससे नेटवर्क को अधिक भरोसेमंद बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। संशोधित भारतनेट योजना में इसी तकनीकी व्यवस्था के जरिए ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने की तैयारी है।
केंद्र और बिहार सरकार के बीच समझौते में बदलाव
गांवों तक भारतनेट का नया नेटवर्क पहुंचाने के लिए केंद्र और बिहार सरकार के बीच पहले से हुए समझौते में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।
सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। योजना के अगले चरण में नेटवर्क विस्तार की कवायद आगे बढ़ाने की तैयारी है।
उम्मीद है कि वर्ष के अंत तक नेटवर्क विस्तार का काम शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल समझौते में बदलाव और संबंधित तैयारियों पर काम किया जा रहा है।
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Bihar Bharat Net से ऑनलाइन सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण परिवारों को सीधे फाइबर इंटरनेट से जोड़ने की योजना का असर ऑनलाइन सेवाओं की पहुंच पर भी पड़ सकता है। बेहतर इंटरनेट कनेक्शन मिलने से ग्रामीण लोगों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई, सरकारी सेवाओं और स्वास्थ्य से जुड़े कामों को आसान बनाने की दिशा में मदद मिल सकती है।
इसी तरह गांव के स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, डाकघर और अन्य संस्थानों में भी इंटरनेट आधारित सेवाओं के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी।
भारतनेट के नए स्वरूप में इसलिए नेटवर्क की पहुंच बढ़ाने के साथ उसकी विश्वसनीयता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी का नया विस्तार
बिहार में संशोधित भारतनेट योजना के तहत गांवों में इंटरनेट नेटवर्क के विस्तार की तैयारी एक बड़े बदलाव की दिशा में कदम है। योजना में पंचायत स्तर से आगे बढ़कर सरकारी संस्थानों और व्यक्तिगत घरों तक फाइबर पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके लिए FTTH के जरिए ग्रामीण परिवारों को जोड़ने और रिंग टोपोलॉजी के जरिए नेटवर्क को मजबूत बनाने की तैयारी है। करीब 99 प्रतिशत नेटवर्क अपटाइम का लक्ष्य भी इसी व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद बनाने की कोशिश का हिस्सा है।
फिलहाल केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौते में जरूरी बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग भी इस दिशा में काम कर रहा है। वर्ष के अंत तक नेटवर्क विस्तार की कवायद शुरू होने की उम्मीद है।
अगर यह योजना तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ती है, तो बिहार के गांवों में इंटरनेट की पहुंच पंचायत भवन से आगे बढ़कर सरकारी संस्थानों और ग्रामीण घरों तक पहुंचाने की दिशा में काम तेज होगा।
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