Disha Salian Case में CBI की FIR के बाद सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई और बिहार के पूर्व मंत्री नीरज कुमार बबलू ने सहरसा में बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगर दिशा सालियान की मौत के मामले में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी होती है, तो सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े सवालों की तस्वीर भी साफ हो सकती है।
नीरज कुमार बबलू ने मंगलवार को सहरसा स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामलों के बीच संबंध होने का दावा किया।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले को लेकर नीरज बबलू द्वारा किए गए दावे उनकी राय और आरोप हैं। इन्हें जांच का स्थापित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
CBI ने दिशा सालियान मामले में दर्ज की FIR
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज की है। रिपोर्टों के मुताबिक, FIR 13 सितंबर 2026 को दर्ज की गई और एजेंसी ने जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्टों के अनुसार, FIR में आपराधिक साजिश, हत्या, गैंगरेप, सबूत मिटाने और संबंधित धाराओं के तहत जांच का उल्लेख है। हालांकि, रिपोर्टिंग में यह भी स्पष्ट किया गया है कि FIR में किसी व्यक्ति को अभी आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया गया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया था। कोर्ट का आदेश दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका के बाद आया।
नीरज बबलू बोले- दोनों मामलों के तार जुड़े हो सकते हैं
नीरज कुमार बबलू ने कहा कि जब सुशांत सिंह राजपूत की मौत हुई थी, तब परिवार के लोग मुंबई गए थे। उनके मुताबिक, वहां की परिस्थितियों को देखकर परिवार को उसी समय दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बीच संबंध होने का संदेह हुआ था।
उन्होंने दावा किया कि अगर उस समय दिशा सालियान की मौत से जुड़े सवालों की जांच आगे बढ़ती, तो सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़ी सच्चाई भी सामने आ सकती थी।
नीरज बबलू ने कहा कि अब CBI की जांच आगे बढ़ने के बाद उन्हें उम्मीद है कि इस मामले के कई पहलुओं की जांच होगी।
जांच के नतीजे का इंतजार
CBI ने FIR दर्ज करने के बाद मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, जांच में पुलिस रिकॉर्ड, पहले हुई जांच, संबंधित अधिकारियों के बयान, गवाहों और फॉरेंसिक सामग्री समेत कई पहलुओं को देखा जा सकता है।
ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी या किसी घटना को हत्या के रूप में अंतिम रूप से बताना उचित नहीं होगा।
उद्धव ठाकरे सरकार पर नीरज बबलू ने लगाए आरोप
मीडिया से बातचीत में नीरज कुमार बबलू ने महाराष्ट्र की तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार पर भी आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि उस समय की सरकार उनके परिवार के खिलाफ थी और दोनों मामलों को दबाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार से लगातार आवाज उठाए जाने के बाद मामला CBI तक पहुंचा, लेकिन तब तक कई सबूत कथित तौर पर नष्ट हो चुके थे।
नीरज बबलू ने कहा कि इसी वजह से जांच एजेंसी के सामने सबूत जुटाने की चुनौती रही।
ये आरोप नीरज कुमार बबलू की ओर से लगाए गए हैं। इनके संबंध में जांच का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
दिशा सालियान के पिता ने भी उठाई थी जांच की मांग
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने मामले में नए सिरे से जांच की मांग की थी। बॉम्बे हाईकोर्ट में उनकी याचिका के बाद CBI जांच का रास्ता साफ हुआ।
CBI ने उनके बयान के आधार पर FIR दर्ज की है। रिपोर्टों के मुताबिक, सतीश सालियान ने जांच के दौरान कई लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है।
अब CBI की जांच में इन दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी।
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नीरज बबलू को उम्मीद- सामने आएगी पूरी सच्चाई
नीरज कुमार बबलू ने CBI की कार्रवाई पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने के बाद दिशा सालियान की मौत से जुड़े सवालों के जवाब मिलेंगे।
उनका दावा है कि अगर दिशा सालियान की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान होती है, तो सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े सवालों पर भी नई जानकारी सामने आ सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
हालांकि, किसी भी नाम या आरोप को जांच के निष्कर्ष से पहले अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। CBI की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
सुशांत सिंह राजपूत के मामले से जोड़कर क्यों देख रहे हैं?
दिशा सालियान सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर थीं। दोनों की मौत जून 2020 में कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई थी। इसी वजह से दोनों घटनाओं को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा होती रही है।
अब दिशा सालियान मामले में CBI की FIR के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।
वहीं, सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मामले में CBI पहले ही अपनी जांच कर चुकी है। इसलिए दिशा मामले की नई जांच से सुशांत मामले पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह अभी जांच के परिणाम पर निर्भर करेगा।
अब CBI जांच पर टिकी नजर
Disha Salian Case में CBI की FIR के बाद जांच का नया चरण शुरू हो गया है। एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों, पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
नीरज कुमार बबलू ने इस कार्रवाई को सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े सवालों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है। हालांकि, उनके दावों की पुष्टि जांच के निष्कर्ष से ही हो सकेगी।
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात CBI की आगे की जांच और उसके निष्कर्ष होंगे। उसी के आधार पर दिशा सालियान की मौत से जुड़े सवालों और उससे जुड़े अन्य दावों की स्थिति स्पष्ट होगी।
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