बिहार में UCC को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से NDA का साथ छोड़कर महागठबंधन के साथ आने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि अगर UCC के मुद्दे पर NDA के भीतर सहमति नहीं बन रही है, तो नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ सरकार बना सकते हैं।
भाई वीरेंद्र ने इसे समाजवादी विचारधारा वाले लोगों के साथ आने का मौका बताया। हालांकि, यह उनका राजनीतिक प्रस्ताव है। नीतीश कुमार की ओर से इस प्रस्ताव पर व्यक्तिगत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दूसरी ओर, JDU ने RJD के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन ने साफ कहा कि JDU NDA का हिस्सा है और गठबंधन के साथ बनी हुई है।
भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार से क्या अपील की?
RJD नेता भाई वीरेंद्र ने UCC के मुद्दे पर नीतीश कुमार से BJP का साथ छोड़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को एक साथ आना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने नीतीश कुमार से RJD के साथ मिलकर सरकार बनाने का आह्वान किया।
भाई वीरेंद्र ने UCC का विरोध भी किया। उनका कहना था कि देश धर्मनिरपेक्ष है और सभी धर्मों को अपने धार्मिक अधिकारों के साथ रहने का संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर NDA के भीतर UCC को लेकर बात नहीं बन रही है, तो नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ आ सकते हैं।
भाई वीरेंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका बयान एक अपील है और वह नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले JDU के संपर्क में नहीं हैं।
नीतीश को सामाजिक न्याय की राजनीति के साथ आने की अपील
भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार के साथ मौजूद कुछ नेताओं पर भी टिप्पणी की।
उनका आरोप था कि कुछ लोगों ने नीतीश कुमार को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सामाजिक न्याय की राजनीति करने वाले लोगों के साथ आने का आग्रह किया।
ये बयान RJD नेता की राजनीतिक राय और अपील के तौर पर सामने आए हैं।
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JDU ने RJD के ऑफर को किया खारिज
RJD के इस प्रस्ताव पर JDU प्रवक्ता राजीव रंजन की प्रतिक्रिया भी सामने आई।
उन्होंने RJD के ऑफर को खारिज करते हुए कहा कि JDU और RJD के बीच किसी तरह का गठबंधन या रिश्ता संभव नहीं है।
राजीव रंजन ने RJD के प्रस्ताव पर तंज कसते हुए इसे ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ जैसा बताया।
उन्होंने कहा कि RJD को ऐसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। JDU प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी NDA का हिस्सा है और गठबंधन को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
UCC पर JDU का अभी क्या रुख है?
UCC को लेकर JDU ने फिलहाल अंतिम फैसला नहीं किया है। पार्टी का कहना है कि पहले प्रस्तावित कानून का ड्राफ्ट और उसके प्रावधान सामने आने चाहिए।
इसके बाद ही पार्टी इस पर चर्चा करेगी और अपना रुख तय करेगी।
15 सितंबर को बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी कहा था कि UCC के प्रावधानों को देखने के बाद पार्टी इस पर विचार करेगी। उन्होंने कहा था कि बिना प्रावधान देखे जल्दबाजी में फैसला करना उचित नहीं होगा।
इससे पहले JDU नेता श्याम रजक ने बिहार में UCC लागू किए जाने का विरोध किया था। उन्होंने इस मुद्दे पर नीतीश कुमार के पुराने रुख का भी हवाला दिया था।
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JDU के भीतर UCC पर अलग-अलग बयान क्यों चर्चा में हैं?
UCC को लेकर JDU के अलग-अलग नेताओं के बयान सामने आने के बाद पार्टी का रुख चर्चा में है।
एक तरफ श्याम रजक ने बिहार में UCC लागू किए जाने का विरोध किया। दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि पार्टी पहले प्रस्तावित कानून के प्रावधानों का अध्ययन करेगी।
JDU ने यह भी कहा है कि वह NDA का हिस्सा है और गठबंधन के सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।
इसलिए फिलहाल पार्टी के स्तर पर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
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RJD के ऑफर पर JDU का जवाब क्या है?
RJD की ओर से नीतीश कुमार को महागठबंधन के साथ आने का सार्वजनिक प्रस्ताव दिया गया है।
इसके जवाब में JDU ने प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। पार्टी ने NDA के साथ बने रहने की बात दोहराई है।
यानी फिलहाल दोनों दलों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक रुख सामने आया है।
UCC पर JDU का अंतिम रुख अभी प्रस्तावित कानून के प्रावधानों के अध्ययन के बाद तय होना है। पार्टी की आगे की बैठक और आधिकारिक निर्णय इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।
बिहार की राजनीति में अब आगे क्या?
Bihar UCC Politics में अब नजर JDU की आगे होने वाली बैठक और पार्टी के आधिकारिक फैसले पर है।
RJD ने नीतीश कुमार को NDA छोड़कर महागठबंधन के साथ आने की अपील की है। वहीं JDU ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए NDA में बने रहने की बात कही है।
UCC को लेकर JDU का अंतिम रुख अभी तय नहीं हुआ है। पार्टी पहले प्रस्तावित कानून के प्रावधानों का अध्ययन करेगी।
इसलिए फिलहाल दो बातें स्पष्ट हैं। RJD की ओर से नीतीश कुमार को महागठबंधन में आने का सार्वजनिक न्योता दिया गया है। JDU ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।
अब आगे UCC पर JDU की आधिकारिक स्थिति और इस मुद्दे पर होने वाली राजनीतिक चर्चा पर नजर रहेगी।
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