दीपावली और छठ के मौके पर बिहार लौटने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन टिकट की परेशानी बढ़ती दिख रही है। Diwali Chhath Train Booking शुरू होते ही कई प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म सीटों की उपलब्धता तेजी से खत्म हो गई। बुकिंग विंडो खुलने के कुछ ही समय बाद यात्रियों को कई ट्रेनों में वेटिंग और रिग्रेट का विकल्प दिखाई देने लगा।
यात्रियों की सबसे बड़ी उम्मीद अब रेलवे की ओर से घोषित होने वाली त्योहार स्पेशल ट्रेनों पर टिकी है। यात्रियों ने दुर्गापूजा, दीपावली और छठ के दौरान बिहार के प्रमुख शहरों के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की मांग की है।
60 दिन पहले खुली बुकिंग, तेजी से खत्म हुई सीटें
ट्रेनों में करीब 60 दिन पहले आरक्षण शुरू होता है। नवंबर में दीपावली और छठ को देखते हुए यात्रियों ने अक्टूबर और नवंबर की यात्रा के लिए पहले से ही टिकट बुक करने की तैयारी शुरू कर दी थी।
गुरुवार को नौ अक्टूबर और नौ नवंबर तक की यात्रा के लिए बुकिंग विंडो खुली। इसके बाद कई प्रमुख ट्रेनों में अलग-अलग श्रेणियों की सीटें तेजी से बुक होने लगीं।
श्रमजीवी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, संघमित्रा एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-दानाापुर एक्सप्रेस और पुणे-सुपौल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में सीटें बुक होने के बाद यात्रियों को वेटिंग और रिग्रेट की स्थिति दिखाई देने लगी।
त्योहारों के दौरान बिहार लौटने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए ट्रेन टिकटों की मांग पहले से ही बढ़ी हुई है। ऐसे में बुकिंग शुरू होते ही सीटों का तेजी से खत्म होना यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
संपूर्ण क्रांति और विक्रमशिला में भी सीटों की मारामारी
गुरुवार को बुकिंग विंडो खुलने के बाद कई प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया। संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और विक्रमशिला एक्सप्रेस के अलावा अजीमाबाद एक्सप्रेस, पुणे-सुपौल और राजेंद्र नगर तेजस राजधानी जैसी ट्रेनों में भी टिकट की उपलब्धता तेजी से प्रभावित हुई।
कई ट्रेनों में टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को रिग्रेट की स्थिति देखने को मिली। वहीं, कुछ ट्रेनों में टिकट उपलब्ध होने के बावजूद प्रतीक्षा सूची काफी लंबी रही।
इस स्थिति ने त्योहार के दौरान बिहार आने-जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर वे यात्री जो पहले से अपनी यात्रा की तारीख तय करके चल रहे हैं, उनके लिए कंफर्म टिकट मिलना चुनौती बन गया है।
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बुकिंग के समय सर्वर की परेशानी भी बनी चुनौती
यात्रियों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से दीपावली और छठ के लिए अक्टूबर और नवंबर की टिकट बुक करने का प्रयास कर रहे हैं। निर्धारित समय पर ऑनलाइन बुकिंग के लिए बैठने के बावजूद कई बार सर्वर नहीं खुलने की समस्या सामने आती है।
जब तक बुकिंग प्रक्रिया शुरू होती है, तब तक कई ट्रेनों में कंफर्म सीटें उपलब्ध नहीं रहतीं। इससे यात्रियों को वेटिंग टिकट के विकल्प पर निर्भर रहना पड़ता है।
आरा निवासी रोहित कुमार, विनोद कुमार और संदीप कुमार तथा पकड़ी निवासी मनोज कुमार और बिट्टू ने बताया कि उन्होंने त्योहारों के लिए टिकट बुक करने की कोशिश की। यात्रियों के मुताबिक समय से ऑनलाइन बुकिंग के लिए तैयार रहने के बावजूद कंफर्म सीट मिलना आसान नहीं हो रहा है।
काउंटर से ऑनलाइन बुकिंग तक, हर जगह बढ़ी कोशिश
कंफर्म टिकट पाने की उम्मीद में यात्री केवल ऑनलाइन बुकिंग पर निर्भर नहीं हैं। कुछ लोग रेलवे काउंटर पर भी देर रात से पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं, ऑनलाइन बुकिंग करने वाले यात्री भी निर्धारित समय से पहले लैपटॉप खोलकर बैठ रहे हैं। इसके बावजूद कंफर्म टिकट मिलना किस्मत पर निर्भर दिखाई दे रहा है।
गुरुवार को नौ नवंबर की बुकिंग विंडो खुलते ही अजीमाबाद एक्सप्रेस, पुणे-सुपौल, विक्रमशिला एक्सप्रेस, राजेंद्र नगर तेजस राजधानी और संपूर्ण क्रांति जैसी ट्रेनों में टिकट रिग्रेट आने लगे।
त्योहार स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को उम्मीद
मौजूदा स्थिति के बीच यात्रियों की नजर अब रेलवे की ओर से घोषित होने वाली त्योहार स्पेशल ट्रेनों पर है। यात्रियों को उम्मीद है कि दुर्गापूजा, दीपावली और छठ के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से नियमित ट्रेनों पर दबाव कम होगा।
यात्रियों ने बिहार के प्रमुख शहरों के लिए पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि त्योहारों की भीड़ को देखते हुए रेलवे को पहले से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
अगर अतिरिक्त ट्रेनें उपलब्ध होती हैं, तो नियमित ट्रेनों में टिकट की मांग का दबाव कम करने और यात्रियों को घर लौटने का विकल्प देने में मदद मिल सकती है।
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बिहार लौटने की तैयारी में जुटे यात्री
दीपावली और छठ बिहार के लिए महत्वपूर्ण त्योहार हैं। इन अवसरों पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटने की तैयारी करते हैं। ऐसे में ट्रेन टिकट की मांग बढ़ना यात्रियों के लिए स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दा बन जाता है।
इस बार भी यात्री काफी पहले से अपनी यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन बुकिंग विंडो खुलते ही सीटों के तेजी से भरने और कई ट्रेनों में वेटिंग या रिग्रेट आने से उनकी मुश्किल बढ़ गई है।
अब यात्रियों की निगाह रेलवे की अगली घोषणा पर है। त्योहार स्पेशल ट्रेनों को लेकर फैसला होने के बाद ही कई यात्रियों को अपनी यात्रा की अगली योजना तय करने में आसानी होगी।
स्पेशल ट्रेनों की घोषणा का इंतजार
फिलहाल यात्रियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि त्योहारों के दौरान अतिरिक्त ट्रेनें कब और कितनी संख्या में चलेंगी। नियमित ट्रेनों में टिकट की उपलब्धता कम होने के बाद स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को राहत की उम्मीद है।
दीपावली और छठ की यात्रा के लिए पहले से तैयारी कर रहे यात्रियों का कहना है कि रेलवे को त्योहारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त ट्रेनें चलानी चाहिए।
इस बीच Diwali Chhath Train Booking की स्थिति ने यह साफ कर दिया है कि त्योहारों की यात्रा के लिए कंफर्म टिकट हासिल करना यात्रियों के लिए आसान नहीं है। कई प्रमुख ट्रेनों में बुकिंग शुरू होने के साथ ही सीटें तेजी से भर रही हैं और यात्रियों को वेटिंग या रिग्रेट की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
अब यात्रियों की उम्मीद त्योहार स्पेशल ट्रेनों की घोषणा पर टिकी है, ताकि दीपावली और छठ के दौरान अपने घर लौटने के लिए उन्हें अतिरिक्त विकल्प मिल सके।
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