पटना में शिक्षक दिवस के मौके पर वित्त रहित शिक्षकों का प्रदर्शन चर्चा में है। वेतनमान और वेतन भुगतान की मांग को लेकर शिक्षकों ने राजधानी में कफन यात्रा निकाली। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे करीब 40 वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
वहीं, इस प्रदर्शन को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि शिक्षकों के भेष में कांग्रेस के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने शिक्षकों के लिए कभी कुछ नहीं किया और अब शिक्षकों के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही है।
इस पूरे मामले में शिक्षकों की मांग, सरकार का पक्ष और शिक्षा मंत्री का बयान सामने आया है।
वित्त रहित शिक्षकों ने निकाली कफन यात्रा
टीचर्स डे के दिन पटना में वित्त रहित शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे। शिक्षकों ने वेतनमान और वेतन भुगतान की मांग को लेकर कफन यात्रा निकाली।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि पिछले करीब 40 वर्षों से वे वेतनमान और वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षकों ने हाथों में कटोरा लेकर सरकार से वेतन देने की मांग भी की।
जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोका प्रदर्शन
कफन यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारी शिक्षक जब पटना के जेपी गोलंबर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया।
पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के बाद वित्त रहित शिक्षक और कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शिक्षकों ने कहा कि उनका आंदोलन इस बार रुकने वाला नहीं है। उनका कहना है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वे मुख्यमंत्री आवास और राजभवन तक जाकर प्रदर्शन करेंगे।
कटोरा लेकर शिक्षकों ने मांगा वेतन
प्रदर्शन के दौरान वित्त रहित शिक्षकों ने हाथों में कटोरा लेकर सरकार से वेतन देने की मांग की। शिक्षकों ने सड़क पर कटोरा पटकते हुए सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों की ओर से कहा गया कि सरकार उन्हें उनका हक दे या फिर कफन दे।
वित्त रहित शिक्षकों का यह प्रदर्शन उनके वेतन और वेतनमान से जुड़ी मांगों को लेकर था। शिक्षक अपने लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं।
Mithilesh Tiwari Statement में कांग्रेस पर निशाना
वित्त रहित शिक्षकों के प्रदर्शन को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कांग्रेस पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कांग्रेस के लोग कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आज तक शिक्षकों के लिए कुछ नहीं किया।
उन्होंने बिहार में चरवाहा विद्यालयों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब बिहार में चरवाहा विद्यालय खुल रहे थे, तब कांग्रेस के लोग ताली बजा रहे थे।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि आज बिहार के शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है। शिक्षकों का ऐच्छिक स्थानांतरण किया जा रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है।
शिक्षा मंत्री ने इसे ड्रामा बताते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है और वह चेहरा चमकाने में लगी है। उन्होंने कहा कि इसका उल्टा असर भी हो सकता है।
शिक्षकों के वेतन भुगतान पर मंत्री ने क्या कहा?
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों की ओर से अनुदान नहीं मिलने की बात कही जा रही है। इस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सरकार की ओर से वेतन भुगतान को लेकर जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि सभी प्रकार के शिक्षकों के जो वेतन बन रहे हैं, उन्हें इसी महीने जारी किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसके लिए सरकार ने तैयारी कर ली है। उन्होंने प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शायद कांग्रेस को पता चला होगा कि शिक्षकों का वेतन जारी होने वाला है, इसलिए वह धरने पर बैठ गई है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी आपदा में अवसर तलाशती है।
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद की अपील
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी को गंगा किनारे जाकर बाढ़ से मुसीबत झेल रहे लोगों का सहयोग करना चाहिए।
यानी एक तरफ पटना में वित्त रहित शिक्षक वेतन और वेतनमान की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं शिक्षा मंत्री ने इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर राजनीतिक निशाना साधा और बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की।
शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को दी बधाई
इस दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षक दिवस के मौके पर बिहार के शिक्षकों को बधाई भी दी।
उन्होंने कहा कि पहली बार उन्होंने तीन पेज का पत्र बिहार के तमाम शिक्षकों को भेजा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार के शिक्षकों की शिक्षा मंत्री से सीधी बात हो रही है और उनकी परेशानियों को जाना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने पुराने समय का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय पटना में शिक्षक जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारे लगाते थे। लेकिन आज वही शिक्षक अपनी कक्षा में बिहार का भविष्य तैयार करेंगे।
शिक्षकों का आंदोलन आगे भी जारी रखने का ऐलान
पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान वित्त रहित शिक्षकों ने साफ कहा कि इस बार उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे मुख्यमंत्री आवास और राजभवन तक जाकर प्रदर्शन करेंगे।
वेतनमान और वेतन भुगतान की मांग को लेकर शिक्षकों ने सरकार पर दबाव बनाने की बात कही है।
वहीं, शिक्षा मंत्री ने कहा है कि सभी प्रकार के शिक्षकों के जो वेतन बन रहे हैं, उन्हें इसी महीने जारी करने की तैयारी की गई है।
शिक्षक प्रदर्शन पर सरकार और शिक्षकों के अलग-अलग दावे
पटना में शिक्षक दिवस के मौके पर हुआ यह प्रदर्शन वित्त रहित शिक्षकों के वेतन और वेतनमान से जुड़े मुद्दे को लेकर रहा। प्रदर्शनकारियों ने कफन यात्रा निकाली और हाथों में कटोरा लेकर सरकार से वेतन देने की मांग की।
जेपी गोलंबर पर पुलिस की बैरिकेडिंग के बाद प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया गया। इसके बाद शिक्षक और कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए।
दूसरी ओर, Mithilesh Tiwari Statement में शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के भेष में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। साथ ही उन्होंने सरकार की ओर से शिक्षकों के वेतन भुगतान की तैयारी की जानकारी दी।
इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ वित्त रहित शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, तो दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री ने सरकार की ओर से वेतन भुगतान की तैयारी का दावा किया है।

