बिहार की समृद्ध लोककथाएं और लोक-संस्कृति अब बड़े पर्दे पर नजर आने वाली हैं। पटना जिले के बिहटा स्थित प्रसिद्ध मां वन देवी मंदिर से जुड़ी रहस्यमयी लोककथा को बॉलीवुड की अपकमिंग फिल्म ‘द वीवान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ की कहानी में शामिल किया गया है।
फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। कुछ दिन पहले फिल्म का टीजर सामने आया था, जिसमें घने और खौफनाक जंगल के बीच एक रहस्यमयी मंदिर की झलक दिखाई गई थी।
फिल्म की कहानी में लोक आस्था, जंगल और रहस्यमयी शक्तियों का कनेक्शन देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि फिल्म की पटकथा में बिहार के बिहटा स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी लोककथा को प्रमुखता दी गई है।
The Vvaan Bihar Temple से जुड़ी कहानी क्यों है खास?
बिहार के पटना जिले के बिहटा यानी आनंदपुर में स्थित मां वन देवी मंदिर स्थानीय आस्था और लोककथाओं से जुड़ा हुआ बताया जाता है।
इसी मंदिर से जुड़ी मान्यताओं और रहस्यमयी परंपराओं को फिल्म ‘द वीवान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ की कहानी में जगह दी गई है।
फिल्म के टीजर में घने जंगल के बीच एक रहस्यमयी मंदिर नजर आता है। मंदिर और जंगल का यह माहौल फिल्म की कहानी को रहस्य और रोमांच से जोड़ता है।
बिहार की लोककथा पहुंचेगी बड़े पर्दे तक
बिहार पर्यटन विभाग ने भी फिल्म में वन देवी मंदिर से जुड़ी लोककथा को शामिल किए जाने पर खुशी जाहिर की है।
पर्यटन विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे बिहार की समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपराओं के लिए गर्व का क्षण बताया।
विभाग के अनुसार, बिहार की धरती पर सदियों से चली आ रही लोककथाएं अब बड़े पर्दे तक पहुंच रही हैं। बिहटा के वन देवी मंदिर से जुड़ी लोककथा का बॉलीवुड की कहानी में शामिल होना राज्य की सांस्कृतिक विरासत के लिए खास उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
बिहटा के वन देवी मंदिर की कहानी क्या है?
बिहटा के मां वन देवी मंदिर को लेकर कई स्थानीय मान्यताएं और जनश्रुतियां प्रचलित हैं।
जनश्रुतियों के अनुसार, प्राचीन समय में यह पूरा क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ था। एक मान्यता के मुताबिक, महाभारत काल में जब पांडव अज्ञातवास के दौरान इस क्षेत्र से गुजरे थे, तब उन्होंने यहां देवी शक्ति की आराधना की थी।
घने जंगल में स्थित होने के कारण देवी को ‘वन देवी’ के नाम से पुकारे जाने की मान्यता है।
यह कहानी स्थानीय लोकविश्वास से जुड़ी हुई है और इसी तरह की मान्यताओं ने मंदिर को एक अलग पहचान दी है।
सपने में मिले संकेत से प्रतिमा मिलने की मान्यता
वन देवी मंदिर को लेकर एक दूसरी स्थानीय मान्यता भी बताई जाती है।
इसके अनुसार, एक साधक को सपने में देवी मां के दर्शन हुए थे। सपने में मिले निर्देश के बाद जब उस स्थान की खुदाई की गई, तो जंगल के बीच से मां की दिव्य प्रतिमा मिलने की बात कही जाती है।
इसके बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने मिलकर वहां मंदिर का निर्माण कराया।
इसी तरह की स्थानीय कथाएं वन देवी मंदिर से जुड़ी आस्था और रहस्य को और खास बनाती हैं।
वन देवी को माना जाता है क्षेत्र की संरक्षक देवी
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वन देवी को बिहटा और आसपास के क्षेत्रों की संरक्षक देवी या ग्राम देवी माना जाता है।
श्रद्धालुओं में मंदिर को लेकर गहरी आस्था है। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से यहां अपनी मनोकामना लेकर आता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है।
नवरात्रि के अवसर पर यहां विशाल मेले के आयोजन की भी बात कही गई है। इस दौरान दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।
आज यह मंदिर आस्था, शांति और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है।
सूर्यास्त के बाद मंदिर में प्रवेश की मान्यता
वन देवी मंदिर से जुड़ी सबसे रहस्यमयी मान्यताओं में सूर्यास्त के बाद मंदिर और आसपास के जंगल में जाने पर पाबंदी की बात कही जाती है।
बताया जाता है कि यह परंपरा 16वीं सदी से चली आ रही है। मान्यता के अनुसार, शाम होने के बाद मंदिर के पुजारी भी कपाट बंद कर वहां से चले जाते हैं।
इसी रहस्यमयी परंपरा को फिल्म की कहानी में भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
फिल्म में इसी रहस्य से जुड़ा है बड़ा ट्विस्ट
फिल्म की कहानी में मुख्य किरदार, जिसे सिद्धार्थ मल्होत्रा निभा रहे हैं, सूर्यास्त के बाद प्रतिबंधित जंगल और मंदिर क्षेत्र में प्रवेश करता है।
इसके बाद कहानी में जंगल की अलौकिक और दैवीय शक्तियों से जुड़ा रोमांच सामने आता है।
यही हिस्सा फिल्म की कहानी को रहस्यमयी मोड़ देता है। टीजर में भी घने जंगल और रहस्यमयी मंदिर की झलक ने फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ाई है।
स्थानीय लोगों और पुजारियों से बातचीत के बाद तैयार हुई कहानी
दिए गए विवरण के अनुसार, फिल्म के लेखक अरुणाभ कुमार और निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा ने बिहटा के वन देवी मंदिर से जुड़ी लोककथा को समझने के लिए स्थानीय लोगों, पुजारियों और ग्रामीणों से बातचीत की।
इसी बातचीत के आधार पर मंदिर से जुड़े सदियों पुराने रहस्य और स्थानीय मान्यताओं को फिल्म की पटकथा में शामिल किया गया।
इस तरह फिल्म की कहानी में बिहार की लोक-संस्कृति और स्थानीय आस्था की झलक भी देखने को मिलेगी।
फिल्म में छठ पर्व की भी दिखाई जाएगी झलक
फिल्म में बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में लोक आस्था के महापर्व छठ को भी खास अंदाज में दिखाए जाने की जानकारी दी गई है।
इससे फिल्म की कहानी में बिहार की लोक आस्था और संस्कृति का एक और महत्वपूर्ण पहलू जुड़ता है।
वन देवी मंदिर की लोककथा के साथ छठ पर्व को फिल्म की कहानी में शामिल किया जाना बिहार की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को बड़े पर्दे पर सामने लाने वाला पहलू है।
The Vvaan Bihar Temple: बिहार की कहानी पहुंचेगी बॉलीवुड तक
The Vvaan Bihar Temple से जुड़ी वन देवी मंदिर की लोककथा अब बॉलीवुड फिल्म के जरिए बड़े पर्दे तक पहुंचने वाली है।
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वीवान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में घने जंगल, रहस्यमयी मंदिर और दैवीय शक्तियों से जुड़ी कहानी दिखाई जाएगी।
फिल्म की पटकथा में बिहटा के वन देवी मंदिर से जुड़ी स्थानीय लोककथा और मान्यताओं को केंद्र में रखा गया है। स्थानीय लोगों, पुजारियों और ग्रामीणों से बातचीत के जरिए इस कहानी को समझने और पटकथा में शामिल करने की बात सामने आई है।
बिहार पर्यटन विभाग ने भी इसे राज्य की लोक-संस्कृति और विरासत के लिए गर्व का विषय बताया है।
यानी बिहार की एक स्थानीय लोककथा अब बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर अपनी कहानी सुनाने के लिए तैयार है। बिहटा का वन देवी मंदिर फिल्म के जरिए बिहार से बाहर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन सकता है।

