बिहार में मानसूनी बारिश को लेकर सबसे बड़ी चिंता इसकी कमी है। राज्य में अब तक जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उसके मुकाबले काफी कम बारिश हुई है।
अब तक बिहार में 820.9 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। लेकिन राज्य में महज 531.3 एमएम बारिश हुई है।
इस तरह बिहार में बारिश सामान्य से 35 फीसदी कम है।
यानी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद पूरे राज्य में मानसूनी बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।
अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ स्थानीय बारिश का दौर जारी रह सकता है। बारिश होने के बाद तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
हालांकि, बारिश रुकते ही उमस एक बार फिर बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को बारिश और उमस दोनों तरह के मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल मौसम का रुख बादल और स्थानीय बारिश के आसपास बना रहने की संभावना बताई गई है।
तेज हवा और वज्रपात को लेकर सावधानी जरूरी
सोमवार के मौसम पूर्वानुमान में बारिश के साथ तेज हवाओं और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। खासतौर पर खुले मैदान और पेड़ों के नीचे जाने से बचने को कहा गया है।
बारिश के दौरान मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग की सलाह का ध्यान रखने को कहा गया है।
बिहार में बारिश का दौर जारी, लेकिन कमी बरकरार
बिहार में मानसून के बीच कई जिलों में बारिश हो रही है। सोमवार को भी 9 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है।
पटना में पिछले 24 घंटे में 68 एमएम बारिश दर्ज हुई। मुंगेर में 73 एमएम, बांका में 67 एमएम और मुजफ्फरपुर में 65 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। जमुई और सीवान में 55 एमएम बारिश हुई।
इसके बावजूद राज्य में मानसूनी बारिश सामान्य से 35 फीसदी कम है। बिहार में अब तक 820.9 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 531.3 एमएम बारिश ही दर्ज हुई है।
बिहार में मौसम की मौजूदा स्थिति में अगले कुछ दिनों तक बादल और स्थानीय बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ सकती है, लेकिन बारिश रुकते ही उमस फिर बढ़ सकती है।

