बिहार में Bihar ANM Protest का मामला सामने आया है। बुधवार को संविदा पर कार्यरत एएनएम ने समान काम-समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बिहार के अलग-अलग जिलों से एएनएम पटना स्थित जदयू कार्यालय पहुंची थीं।
प्रदर्शनकारी एएनएम स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात करना चाहती थीं। उनका कहना था कि वे अपनी समस्याएं और वर्षों से लंबित मांगें स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखना चाहती हैं।
हालांकि, जब स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी तो प्रदर्शनकारी एएनएम नाराज हो गईं। इसी दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा की गाड़ी वहां पहुंची। प्रदर्शन कर रहीं एएनएम ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया।
Bihar ANM Protest: JDU कार्यालय के बाहर हुआ प्रदर्शन
बिहार के विभिन्न जिलों से आईं संविदा एएनएम ने बुधवार को जदयू कार्यालय में प्रदर्शन किया। उनकी प्रमुख मांग समान काम-समान वेतन की थी।
प्रदर्शनकारी स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात करना चाहती थीं। एएनएम का कहना था कि वे अपनी समस्याओं को सीधे स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखना चाहती हैं।
मुलाकात नहीं होने के बाद प्रदर्शन कर रहीं एएनएम ने अपना विरोध जारी रखा। इसी दौरान मंत्री रत्नेश सदा की गाड़ी वहां पहुंची।
मंत्री रत्नेश सदा की गाड़ी को एएनएम ने घेरा
जैसे ही रत्नेश सदा की गाड़ी जदयू कार्यालय के बाहर पहुंची, प्रदर्शनकारी एएनएम ने गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया।
इस दौरान कुछ समय के लिए कार्यालय के बाहर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर विरोध कर रही थीं।
इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हटाया। किसी तरह मंत्री की गाड़ी को वहां से आगे रवाना कराया गया।
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2014 और उसके बाद नियुक्त ANM की क्या मांग है?
प्रदर्शनकारी एएनएम का कहना है कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2014 और उसके बाद हुई थी। उनका कहना है कि कई वर्षों से सेवा देने के बावजूद वे अब भी संविदा पर काम कर रही हैं।
ANM का आरोप है कि उन्हें कम मानदेय में काम करना पड़ रहा है। इसी वजह से वे सरकार के सामने समान काम के लिए समान वेतन की मांग रख रही हैं।
उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बाद भी उनकी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ है।
समान काम-समान वेतन की मांग पर प्रदर्शन
Bihar ANM Protest के दौरान प्रदर्शनकारी एएनएम ने सरकार से समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग की।
उनका कहना है कि वे अपनी जिम्मेदारियां लगातार निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें संविदा पर काम करना पड़ रहा है।
एएनएम ने अपनी समस्याओं और लंबित मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की मांग की थी।
स्वास्थ्य मंत्री से मिलना चाहती थीं प्रदर्शनकारी ANM
प्रदर्शनकारी एएनएम के मुताबिक, उनका उद्देश्य स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताना था।
वे चाहती थीं कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। खास तौर पर संविदा व्यवस्था और वेतन से जुड़ी उनकी मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के सामने अपनी बात रखना चाहती थीं।
हालांकि, मुलाकात नहीं होने के बाद प्रदर्शनकारी नाराज हो गईं। इसके बाद मंत्री रत्नेश सदा की गाड़ी का घेराव हुआ।
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सुरक्षाकर्मियों ने संभाली स्थिति
मंत्री की गाड़ी को प्रदर्शनकारियों द्वारा घेरने के बाद जदयू कार्यालय के बाहर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारी एएनएम को वहां से हटाया। इसके बाद रत्नेश सदा की गाड़ी को आगे रवाना कराया गया।
इस घटना के बाद एक बार फिर संविदा पर कार्यरत एएनएम की समान वेतन की मांग सामने आई है।
ANM की मांग अब सरकार तक पहुंचाने पर जोर
प्रदर्शनकारी एएनएम का कहना है कि वे अपनी समस्याओं और वर्षों से लंबित मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहती हैं।
उनकी मुख्य मांग समान काम-समान वेतन की है। साथ ही वे स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अपनी बात सीधे रखने की मांग कर रही थीं।
फिलहाल प्रदर्शन के दौरान मंत्री की गाड़ी घेरने के बाद स्थिति को सुरक्षाकर्मियों ने संभाल लिया। अब देखना होगा कि संविदा एएनएम की इन मांगों पर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है।
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