Nandan Yadav Encounter Case को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जमुई में छात्रा से बदसलूकी के आरोपी नंदन यादव के पुलिस एनकाउंटर में घायल होने के बाद नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा था। इसके बाद तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने मांझी के बयान पर पलटवार किया है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मांझी के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी अपराधी की हरकत को पूरी जाति से जोड़ना सही नहीं है।
वहीं, मांझी ने अपने पोस्ट में तेजस्वी यादव के पुराने राजनीतिक बयानों का जिक्र किया था। उन्होंने जमुई मामले के आरोपियों को लेकर तेजस्वी पर राजनीतिक तंज कसा था।
Nandan Yadav Encounter Case के बाद क्यों बढ़ी सियासत?
जमुई में 19 सितंबर को नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया था। इससे जुड़ा वीडियो भी बनाया गया था।
इसके बाद 21 सितंबर को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस घटना को लेकर बिहार सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
इसके बाद आरोपी नंदन यादव के पुलिस एनकाउंटर में घायल होने की जानकारी सामने आई। इसी घटनाक्रम के बाद जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधा।
अब रोहिणी आचार्य ने मांझी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है।
जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर क्या कहा?
जीतन राम मांझी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए तेजस्वी यादव पर तंज कसा। उन्होंने अपने पोस्ट की शुरुआत “HAM बोलते नहीं, करके दिखलाते हैं” से की।
इसके बाद उन्होंने जमुई मामले का जिक्र किया। मांझी ने तेजस्वी यादव के पुराने बयानों को अपने पोस्ट का आधार बनाया।
मांझी ने लिखा कि तेजस्वी यादव बिहार और यूपी के हर यादव को अपना भाई बताते रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने जमुई मामले के आरोपियों को तेजस्वी के ‘भाई’ कहकर राजनीतिक तंज किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों ने जमुई में लड़की के साथ बदसलूकी की और वीडियो बनाया। मांझी ने कहा कि ऐसा सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया।
‘सम्राट चौधरी ने मेरे भाई को ठोकवा दिया’ वाला तंज
मांझी ने अपने पोस्ट में आगे तेजस्वी यादव पर एक और राजनीतिक तंज किया।
उन्होंने लिखा कि अब तेजस्वी यादव कहेंगे कि “सम्राट चौधरी ने मेरे भाई को ठोकवा दिया।”
इसके बाद मांझी ने तेजस्वी से अपने ‘भाइयों’ को सचेत करने की बात कही। उन्होंने लिखा कि सरकार किसी को बख्शने वाली नहीं है।
मांझी ने अपने पोस्ट के अंत में इसे ‘सम्राट का सुशासन’ बताया।
यह पूरा बयान मांझी की ओर से किया गया राजनीतिक तंज है। इसे पुलिस जांच के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
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रोहिणी आचार्य ने मांझी को दिया जवाब
जीतन राम मांझी के बयान के बाद रोहिणी आचार्य ने एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मांझी के बयान की भाषा और उसके राजनीतिक संदर्भ पर सवाल उठाए।

रोहिणी ने अपने पोस्ट में मांझी के लिए उम्र और राजनीतिक विवेक से जुड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जमुई जैसी संवेदनशील घटना पर सख्त कार्रवाई की बात होनी चाहिए।
इसके बजाय, उनके अनुसार, मांझी ने राजनीतिक बयानबाजी की।
हालांकि, रोहिणी आचार्य की पोस्ट में मांझी के खिलाफ इस्तेमाल किए गए कुछ शब्द उनके व्यक्तिगत राजनीतिक बयान हैं। उन्हें स्वतंत्र तथ्य या किसी निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
‘अपराधी की कोई जाति नहीं होती’, रोहिणी का बयान
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में अपराध और जाति को जोड़ने पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि किसी अपराधी का कोई धर्म या जाति नहीं होती। साथ ही उन्होंने मांझी पर आरोपी की हरकत को पूरी यादव जाति से जोड़ने का आरोप लगाया।
रोहिणी ने सवाल किया कि क्या कोई अपराधी किसी विशेष जाति का प्रतिनिधि होता है।
इस तरह रोहिणी ने अपने जवाब में मुख्य रूप से जाति के आधार पर राजनीतिक बयानबाजी को मुद्दा बनाया।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी राजनीतिक बहस
दोनों नेताओं के बयानों के बाद जमुई मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
एक ओर मांझी ने तेजस्वी यादव पर राजनीतिक तंज किया। दूसरी ओर, रोहिणी आचार्य ने उसी बयान को लेकर मांझी पर पलटवार किया।
इससे मामले का राजनीतिक पक्ष और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
जमुई मामले में 19 सितंबर को क्या हुआ था?
बिहार के जमुई जिले में 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया था।
दोनों 10वीं कक्षा के छात्र बताए गए हैं। घटना से जुड़ा वीडियो भी बनाया गया था।
इसके बाद 21 सितंबर को वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने पीड़ितों के बयान दर्ज किए। इसके बाद POCSO समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
वायरल वीडियो के बाद शुरू हुई जांच
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में आरोपियों की पहचान शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को पकड़ा। मुख्य आरोपी नंदन यादव भी पुलिस कार्रवाई में घायल हुआ।
इसके बाद मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो गईं।
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तेजस्वी यादव पहले सरकार पर उठा चुके हैं सवाल
जमुई मामले का वीडियो सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साधा था।
उन्होंने महिला और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सरकार से सवाल किए थे। साथ ही घटना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे।
इसके बाद नंदन यादव के पुलिस एनकाउंटर में घायल होने की जानकारी सामने आई।
वहीं, जीतन राम मांझी ने इसी घटनाक्रम को तेजस्वी यादव के पुराने बयानों से जोड़ते हुए राजनीतिक हमला किया।
अब रोहिणी आचार्य ने मांझी के बयान का जवाब दिया है।
Nandan Yadav Encounter Case पर आगे भी जारी रह सकती है सियासत
Nandan Yadav Encounter Case के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जीतन राम मांझी और रोहिणी आचार्य के बीच सोशल मीडिया पर बयान सामने आए हैं।
मांझी ने तेजस्वी यादव पर राजनीतिक तंज किया। दूसरी ओर, रोहिणी आचार्य ने मांझी के बयान पर सवाल उठाए।
फिलहाल, जमुई मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई से जुड़े पहलू अलग हैं। वहीं, नेताओं की बयानबाजी राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा है।
इस मामले में आरोपों और पुलिस कार्रवाई पर अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
नाबालिगों से जुड़े मामले में उनकी पहचान और निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। इसलिए रिपोर्टिंग में पीड़ितों की पहचान से जुड़ी जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है।
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