बिहार में संविदा पर काम कर रहीं ANM का प्रदर्शन जारी है। Bihar ANM Protest के दौरान ANM ने JDU कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान हमारे रिपोर्टर रवि कुमार ने कई ANM से बातचीत की।
बातचीत में प्रदर्शनकारी ANM ने अपनी नौकरी, वेतन, काम के बढ़ते बोझ और स्थायी करने की मांग को लेकर अपनी बात रखी। उनका कहना था कि उनसे लगातार कई तरह के काम लिए जा रहे हैं, लेकिन इसके मुकाबले वेतन कम है।
ANM ने सरकार से समान काम के लिए समान वेतन देने और संविदा कर्मियों को स्थायी करने की मांग की।
Bihar ANM Protest: ‘हमारी मांग समान वेतन की है’
प्रदर्शनकारी ANM ने कहा कि उनकी मुख्य मांग समान काम-समान वेतन है। उनका कहना था कि जिस तरह का काम उनसे कराया जा रहा है, उसके मुकाबले उन्हें कम वेतन मिल रहा है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि अगर उनसे अधिक काम लिया जा रहा है तो उनके काम के अनुसार वेतन भी मिलना चाहिए।
ANM ने यह भी कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे धरना और प्रदर्शन जारी रखेंगी।
‘हम संविदाकर्मी हैं, हमें परमानेंट किया जाए’
प्रदर्शन में शामिल एक अन्य ANM ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे संविदाकर्मी हैं और उन्हें स्थायी किया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर सरकार अलग-अलग योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए फंड उपलब्ध करा रही है, तो संविदा कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।
उनका कहना था कि स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं को भी सरकार को देखना चाहिए।
कम वेतन को लेकर ANM ने बताई अपनी परेशानी
प्रदर्शनकारी ANM ने बातचीत के दौरान अपने वेतन को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि नौकरी करने के बावजूद परिवार और बच्चों की परवरिश को लेकर उन्हें परेशानी होती है।
एक ANM ने कहा कि जब कोई उनसे पूछता है कि उन्हें कितना वेतन मिलता है तो उन्हें यह बताने में भी शर्म महसूस होती है।
उन्होंने कहा कि कम आमदनी के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई और परवरिश को लेकर भी उन्होंने अपनी परेशानी बताई।
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ANM बोलीं- ‘हमसे कई तरह के काम लिए जा रहे हैं’
प्रदर्शनकारी ANM ने अपने काम के बढ़ते बोझ का भी मुद्दा उठाया।
उनका कहना था कि ANM की ट्रेनिंग लेने के बावजूद उनसे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई अतिरिक्त काम कराए जाते हैं। इसके अलावा डेटा एंट्री और ऐप से जुड़े काम का भी दबाव होने की बात उन्होंने कही।
ANM ने सवाल किया कि अगर उनसे अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई जा रही हैं, तो उनके काम और वेतन को लेकर सरकार को भी विचार करना चाहिए।
‘हम ANM का कोर्स करके आए हैं, डेटा एंट्री के लिए नहीं’
एक प्रदर्शनकारी ने बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने ANM का कोर्स और जरूरी ट्रेनिंग की है। इसके बावजूद उनसे डेटा एंट्री से जुड़े काम भी लिए जाते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनकी नियुक्ति ANM के काम के लिए हुई है तो उनसे अलग-अलग अतिरिक्त जिम्मेदारियां क्यों कराई जा रही हैं।
उनका कहना था कि काम बढ़ने के बावजूद वेतन में उसी हिसाब से बदलाव नहीं हुआ है।
Bihar ANM Protest: मरीजों की देखभाल को लेकर भी ANM ने रखी बात
प्रदर्शनकारी ANM ने मरीजों की देखभाल से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग तरह के मरीज उनके पास आते हैं। ऐसे में कई बार दवा और मरीज की देखभाल से जुड़े काम भी करने पड़ते हैं।
ANM ने सवाल उठाया कि अगर उनसे इस तरह की जिम्मेदारियां निभाई जाती हैं और किसी मामले में परेशानी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
यह प्रदर्शनकारी ANM की ओर से उठाया गया सवाल है।
डॉक्टरों के वेतन का जिक्र कर ANM ने सरकार से पूछे सवाल
एक प्रदर्शनकारी ने ANM में डॉक्टरों के भुगतान का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि डॉक्टरों के भुगतान में बढ़ोतरी की गई है, जबकि ANM और नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारियों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
ANM ने कहा कि डॉक्टर दवा लिखते हैं, जबकि नर्सिंग स्टाफ और ANM मरीजों की देखभाल से जुड़ी कई जिम्मेदारियां निभाते हैं।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर ANM और नर्सिंग स्टाफ लगातार सेवा दे रहे हैं तो उनके वेतन में बढ़ोतरी क्यों नहीं की जा रही है।
Bihar ANM Protest: ‘तीन-तीन रात ड्यूटी करते हैं, इसका परिणाम भी मिलना चाहिए’
प्रदर्शनकारी ANM ने अपनी ड्यूटी के दौरान होने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि कई बार लगातार रात की ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में उनका कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने वाले संविदाकर्मियों की स्थिति पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए।
एक ANM ने कहा कि वे केवल नौकरी नहीं कर रही हैं, बल्कि अपने परिवार की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं।
उन्होंने सरकार से अपनी मांगों पर विचार करने की अपील की।
‘हम 50 या 60 हजार रुपये नहीं मांग रहे’
प्रदर्शन में शामिल ANM ने कहा कि उनकी मांग मनमाना वेतन लेने की नहीं है।
एक महिला ने कहा कि वे सरकार से 50 या 60 हजार रुपये की मांग नहीं कर रही हैं। उनका कहना था कि जितना काम लिया जा रहा है, उसके अनुसार उचित वेतन मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें स्थायी नहीं करती है, तब भी वेतन को लेकर उनकी मांग पर विचार होना चाहिए।
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Bihar ANM Protest: ANM की दो प्रमुख मांगें- स्थायीकरण और समान वेतन
पूरे प्रदर्शन के दौरान ANM की बातचीत में दो प्रमुख मांगें सामने आईं।
पहली मांग संविदा पर काम कर रहीं ANM को स्थायी करने की है। दूसरी मांग समान काम के लिए समान वेतन की है।
इसके साथ ही प्रदर्शनकारी ANM ने काम के बढ़ते बोझ और अतिरिक्त जिम्मेदारियों का मुद्दा भी उठाया।
उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में लगातार काम करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो जारी रहेगा प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी ANM ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई समाधान नहीं निकाला गया तो वे धरना और प्रदर्शन जारी रखेंगी।
उनका कहना है कि वे अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शन कर रही हैं। साथ ही वे स्वास्थ्य मंत्री और सरकार से अपनी समस्याओं पर बातचीत की मांग कर रही हैं।
फिलहाल Bihar ANM Protest के जरिए संविदा ANM ने समान काम-समान वेतन और स्थायीकरण का मुद्दा सामने रखा है। अब देखना होगा कि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
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