राजधानी पटना में आरक्षण के मुद्दे को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। Patna Reservation Protest के तहत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने ‘आरक्षण बढ़ाओ, देश बचाओ’ के नारे लगाए।
प्रदर्शन के दौरान जेपी गोलंबर के सामने अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कई प्रदर्शनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
एससी-एसटी कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि नौकरी में एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक दिया जाए।
इसके अलावा प्रदर्शनकारी आबादी के अनुपात में आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं।
उनका कहना है कि समाज के अलग-अलग वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसी आधार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाने की मांग की जा रही है।
शिक्षा और रोजगार में हिस्सेदारी की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरक्षण का दायरा बढ़ने से वंचित और पिछड़े वर्गों को शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सकेगा।
उनका जोर जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर है।
अमर आजाद ने क्या कहा?
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमर आजाद ने कहा कि अब दलितों के साथ-साथ सवर्ण वर्ग को भी आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। ऐसे में उनकी मांग है कि जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण का दायरा बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर से आगे बढ़कर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
सीएम आवास घेराव के ऐलान से बढ़ी प्रशासन की चुनौती
अमर आजाद ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी रास्ते में लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए सीएम आवास तक पहुंचेंगे।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अब नजर इस बात पर है कि प्रदर्शनकारी आगे क्या कदम उठाते हैं और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्या कार्रवाई करता है।
पटना में बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था
जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन और सीएम आवास की ओर बढ़ने के ऐलान के बीच प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
प्रदर्शनकारियों की मांगों और उनके अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है। Patna Reservation Protest के बीच अब देखना होगा कि आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

