Bihar Flood Relief: हाजीपुर और सोनपुर पहुंचे मुख्यमंत्री
बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने सोमवार, 7 सितंबर 2026 को वैशाली और सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने हाजीपुर और सोनपुर में संचालित बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया और वहां रह रहे लोगों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में उपलब्ध भोजन, रहने, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने लोगों से आत्मीयता के साथ बातचीत की और पूछा कि उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
राहत शिविर में CM ने खुद परोसा भोजन
वैशाली जिले में गंगा ब्रिज थाना के सामने संचालित बाढ़ राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने कम्युनिटी किचन का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन वितरण काउंटर और निबंधन सह नियंत्रण कक्ष में व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने स्वयं लोगों को भोजन परोसा। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता भी देखी और शिविर में रह रहे लोगों से भोजन एवं अन्य सुविधाओं को लेकर जानकारी ली।
लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राहत शिविर में अच्छी व्यवस्था है और उन्हें पर्याप्त भोजन मिल रहा है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में महिलाओं और पुरुषों के लिए की गई अलग-अलग रहने की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने दोनों शिविरों में जाकर लोगों से सीधे संवाद किया।
बच्चों की पढ़ाई और खान-पान की भी ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
शैक्षणिक शिविर में भी मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत की। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ उनके खान-पान के बारे में भी जानकारी ली।
बाढ़ की स्थिति के बीच राहत शिविरों में बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक गतिविधियों और सुविधाओं का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य शिविर में तत्काल इलाज के निर्देश
राहत शिविर में संचालित स्वास्थ्य शिविर का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों से उपलब्ध जांच और इलाज की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के बीमार होने की स्थिति में उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। किसी भी व्यक्ति को इलाज के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए।
पशुओं के लिए दवा और चारे की व्यवस्था के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सा शिविर की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को पशुओं के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही जिला प्रशासन को पशु चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि बाढ़ के कारण पशुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
बाढ़ में मौत के मामलों में 4 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मृत्यु के मामलों में मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की।
इस दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही राहत सुविधाओं की भी जानकारी ली गई।
सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, इलाज, पढ़ाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
सोनपुर के राहत शिविर में CM ने लोगों के साथ किया भोजन
वैशाली के बाद मुख्यमंत्री सारण जिले के सोनपुर शहर स्थित स्काउट एंड गाइड सेंटर पहुंचे। यहां संचालित बाढ़ राहत शिविर का उन्होंने निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने कम्युनिटी किचन की व्यवस्था देखी और राहत शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत की। उन्होंने भोजन और अन्य उपलब्ध सुविधाओं के बारे में लोगों से सीधे जानकारी ली।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों के साथ भोजन भी किया और भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया।
शिविर में रह रहे लोगों ने वहां की व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। लोगों ने कहा कि शिविर में खाने-पीने से लेकर रहने तक की अच्छी व्यवस्था की गई है।
फसल क्षति का होगा आकलन, किसानों को मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का आकलन कराया जाएगा। प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद एक-एक हाउस होल्ड की जांच कर नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके बाद प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत प्रदान की जाएगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
गंगा के जलस्तर में 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट
हाजीपुर और सोनपुर में राहत शिविरों के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने गंगा नदी के जलस्तर को लेकर भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि गंगा के जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं फरक्का बराज से अभी लगभग 15 लाख क्यूसेक पानी का लगातार डिस्चार्ज हो रहा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और राहत मिलने की संभावना है। पदाधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आपदा की इस स्थिति में सरकार पूरी तरह लोगों के साथ खड़ी है। बाढ़ प्रभावित लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ के स्थायी समाधान पर भी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी सरकार काम कर रही है।
गंगा नदी के स्ट्रेच को एक सीमा में बांधने के संबंध में केंद्रीय जल आयोग से बातचीत किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी। इसका उद्देश्य हर वर्ष बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्या से लोगों को स्थायी रूप से राहत दिलाना है।
फिलहाल सरकार का फोकस बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत, भोजन, इलाज, पढ़ाई और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
Bihar Flood Relief: सरकार ने बताया राहत और निगरानी का प्लान
कुल मिलाकर Bihar Flood Relief के तहत हाजीपुर और सोनपुर के राहत शिविरों में व्यवस्थाओं का मुख्यमंत्री ने खुद जायजा लिया। उन्होंने लोगों से सीधे बातचीत की, भोजन की गुणवत्ता देखी और खुद लोगों को भोजन परोसा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सुविधाओं और पशु चिकित्सा व्यवस्था की भी जानकारी ली। अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के साथ पशुओं के लिए दवा और चारे की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।
वहीं बाढ़ में डूबने से हुई मौत के मामलों में मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही है।
गंगा के जलस्तर में गिरावट के बीच अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है। साथ ही सरकार ने बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी काम करने की बात कही है।

