बिहार स्वास्थ्य विभाग ने मधेपुरा के सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार पर बड़ी कार्रवाई की है। Bihar Health से जुड़े इस मामले में विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
डॉ. विजय कुमार पर पद के दुरुपयोग और कथित अनधिकृत राशि के लेन-देन के आरोप हैं। यह कार्रवाई जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
विभाग ने अब इस मामले में आगे विभागीय कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। वहीं, निलंबन के दौरान डॉ. विजय कुमार का मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग, पटना निर्धारित किया गया है।
निजी नर्सिंग होम की जांच से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला निजी नर्सिंग होम की जांच और लाइसेंस से जुड़े कथित लेन-देन से सामने आया। अगस्त में सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ था।
वीडियो में डॉ. विजय कुमार कथित तौर पर नकद राशि लेते दिखाई दे रहे थे। हालांकि, वीडियो की प्रमाणिकता और पूरे घटनाक्रम की जांच जरूरी थी।
इसके बाद जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की। टीम की अध्यक्षता जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमन कुमार सुमन ने की।
जांच टीम ने संबंधित स्थानों पर जाकर पूरे मामले की पड़ताल की। इसके बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी।
लाइसेंस के नाम पर कथित राशि लेने का आरोप
जांच रिपोर्ट में निजी नर्सिंग होम की जांच और स्थायी लाइसेंस से जुड़े कथित अनधिकृत राशि के लेन-देन का मामला सामने आया।
रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. विजय कुमार पर निजी नर्सिंग होम के स्थायी लाइसेंस के नाम पर कथित अवैध राशि लेने के आरोप लगाए गए।
इसके अलावा, एक सील किए गए अस्पताल को दोबारा खुलवाने के मामले में भी पद के दुरुपयोग का आरोप सामने आया।
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सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को लेकर भी आरोप
जांच में सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल का मामला भी शामिल रहा। अस्पताल को पहले सील किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, इसे दोबारा खुलवाने के लिए पद के दुरुपयोग और कथित अनधिकृत राशि लेने का आरोप लगाया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जांच दल ने डॉ. विजय कुमार के आचरण को प्रथमदृष्टया भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में माना।
यह निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर बताया गया है। मामले में आगे विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग का एक्शन
जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की। विभाग ने बिहार सरकारी सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत निलंबन किया है।
निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इस अवधि में डॉ. विजय कुमार का मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग, पटना रहेगा।
इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर मामले की आगे जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई है।
मधेपुरा सिविल सर्जन का अतिरिक्त प्रभार किसे मिला?
स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर असर न पड़े, इसके लिए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था भी की है।
डॉ. विपिन कुमार गुप्ता को मधेपुरा के सिविल सर्जन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इससे जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रशासनिक कामकाज को जारी रखने की व्यवस्था की गई है।
इस बदलाव के बाद अब मधेपुरा के सिविल सर्जन पद की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के तौर पर डॉ. विपिन कुमार गुप्ता संभालेंगे।
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वायरल वीडियो के बाद शुरू हुई थी जांच
अगस्त में वायरल हुए वीडियो के बाद यह मामला सामने आया था। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इसकी प्रमाणिकता और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने का फैसला लिया। इसके लिए तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई थी।
जांच टीम ने संबंधित जगहों पर जाकर जानकारी जुटाई। इसके बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई।
हालांकि, डॉ. विजय कुमार ने उस समय आरोपों को साजिश बताया था। उन्होंने मामले की जांच की मांग भी की थी।
आगे विभागीय कार्रवाई पर नजर
अब स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की है। इसके साथ ही आगे अलग से विभागीय कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई है।
ऐसे में आने वाले समय में विभागीय प्रक्रिया के दौरान मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निलंबन का आधार जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्य हैं। वहीं, डॉ. विजय कुमार पहले आरोपों को साजिश बता चुके हैं।
Bihar Health मामले में क्या हुआ?
Bihar Health से जुड़े मधेपुरा के इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
उन पर निजी नर्सिंग होम की जांच और स्थायी लाइसेंस के नाम पर कथित अनधिकृत राशि के लेन-देन का आरोप है। इसके अलावा सील किए गए सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को दोबारा खुलवाने में पद के दुरुपयोग का आरोप भी जांच में सामने आया।
अगस्त में वायरल वीडियो के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की थी। तीन सदस्यीय टीम ने संबंधित स्थानों पर जाकर जांच की और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी।
इसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने बिहार सरकारी सेवा नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत निलंबन किया है।
फिलहाल डॉ. विजय कुमार का निलंबन मुख्यालय पटना में निर्धारित किया गया है। वहीं, डॉ. विपिन कुमार गुप्ता को मधेपुरा सिविल सर्जन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
मामले में आगे विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी। दूसरी ओर, डॉ. विजय कुमार की ओर से पहले आरोपों को साजिश बताया गया था। इसलिए आगे की विभागीय प्रक्रिया में मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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