रांची में बोरिंग कराने के नियम बदले
Ranchi Boring Rules में बदलाव किया गया है। अब रांची में घर पर बोरिंग या बोरवेल कराना पहले की तरह आसान नहीं होगा।
रांची नगर निगम ने घरेलू और व्यावसायिक बोरिंग को लेकर नए नियम जारी किए हैं। इसके तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था के बिना घरेलू बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नगर निगम ने यह नियम भूगर्भ जलस्तर में लगातार गिरावट और गर्मी के दौरान होने वाले जल संकट को देखते हुए जारी किए हैं।
नए नियमों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ता या भवन मालिक अधिकतम 4 इंच की बोरिंग करा सकेंगे।
इसके लिए पहले नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जांच के बाद मिलेगी अनुमति
बोरिंग की अनुमति देने से पहले नगर निगम के अधिकारी स्थल की जांच करेंगे।
कनीय अभियंता या सहायक अभियंता रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जांच करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
रिपोर्ट के आधार पर ही बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।
इसलिए, बोरिंग कराने वाले भवन मालिकों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
आवेदक को इसके लिए शपथ पत्र भी देना होगा। इसमें कई जरूरी बातों को स्पष्ट करना होगा।
निजी जमीन पर ही करानी होगी बोरिंग
शपथ पत्र में आवेदक को यह स्पष्ट करना होगा कि बोरिंग निजी भूमि पर कराई जाएगी।
जमीन से जुड़े किसी भी विवाद की जिम्मेदारी आवेदक की होगी।
इसके अलावा आसपास के निजी परिसर या सार्वजनिक संपत्ति को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी भी भवन मालिक की होगी।
आवेदक को यह भी घोषित करना होगा कि बोरिंग से मिलने वाले पानी का इस्तेमाल पेयजल या घरेलू कार्यों के लिए किया जाएगा।
वहीं, सरकारी जमीन, सड़क, नदी या नाले पर किसी भी परिस्थिति में बोरिंग नहीं कराई जा सकेगी।
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15 दिनों के अंदर करानी होगी बोरिंग
नगर निगम के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए डीप बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर के आधार पर तय होगी।
बोरिंग के बाद रिंग मशीन संचालक को बोरिंग की गहराई और जलस्तर की जानकारी देनी होगी।
अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा।
अगर निर्धारित समय में बोरिंग नहीं कराई गई, तो अनुमति स्वतः रद्द हो जाएगी।
हालांकि, विशेष परिस्थिति में 15 दिन के बाद भी अनुमति दी जा सकती है।
व्यावसायिक बोरिंग के लिए भी सख्त नियम
व्यावसायिक आवेदकों के लिए भी नए नियम तय किए गए हैं।
भवन मालिक के नाम पर केवल एक बोरिंग की स्वीकृति दी जाएगी।
व्यावसायिक भवनों में फ्लो मीटर लगाना अनिवार्य होगा। पानी का उपयोग संबंधित क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
अगर किसी व्यावसायिक भवन में पहले से 6 इंच की बोरिंग है, तो वहां नई 4 इंच की बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बोरिंग की अनुमति के लिए कितना शुल्क लगेगा?
नगर निगम ने आवासीय और व्यावसायिक भवनों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया है।
| भवन या प्रतिष्ठान | निर्धारित शुल्क |
|---|---|
| आवासीय भवन 0 से 5,000 वर्गफीट | ₹2,500 |
| आवासीय भवन 5,000 वर्गफीट से अधिक | ₹5,000 |
| व्यावसायिक प्रतिष्ठान 0 से 1,000 वर्गफीट | ₹10,000 |
| व्यावसायिक प्रतिष्ठान 1,000 वर्गफीट से अधिक | ₹10 प्रति वर्गफीट |
नगर निगम के अनुसार, यह शुल्क केवल 4 इंच की बोरिंग के लिए मान्य होगा।
बिना अनुमति बोरिंग पर लगेगा ₹25 हजार तक जुर्माना
नगर निगम ने अवैध बोरिंग को लेकर भी सख्त प्रावधान किया है।
बिना अनुमति आवासीय बोरिंग पर ₹25,000 जुर्माना लगाया जाएगा।
वहीं, बिना अनुमति व्यावसायिक बोरिंग पर ₹1,00,000 जुर्माना लगेगा।
इसके अलावा अवैध बोरिंग को सील भी किया जा सकता है।
सरकारी जमीन, सड़क, नदी या नाले पर बोरिंग कराने पर भी भवन मालिक के खिलाफ जुर्माना और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के तहत कार्रवाई से बचने के लिए पहले अनुमति लेना जरूरी होगा।
शिकायत मिलने पर आवेदन हो सकता है खारिज
नगर निगम ने आवेदन प्रक्रिया को लेकर भी नियम तय किए हैं।
किसी आवेदन के खिलाफ शिकायत मिलने पर निगम के पास उसे 15 दिनों के भीतर खारिज करने का अधिकार होगा।
इसके अलावा निगम पांच दिनों के भीतर समाचार पत्र में सूचना प्रकाशित कर सकता है। इसके जरिए सार्वजनिक आपत्तियां भी आमंत्रित की जा सकती हैं।
इसके बाद रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थल जांच होगी। संबंधित अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद ही बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।
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बोरिंग के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत होगी
बोरिंग की अनुमति के लिए आवेदक को विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र जमा करना होगा।
आवेदन नगर निगम की जलापूर्ति शाखा में आवश्यक दस्तावेजों के साथ देना होगा।
आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी होंगे:
जरूरी दस्तावेज
- आवेदक का पहचान पत्र
- होल्डिंग रसीद
- बोरवेल वाले स्थान की GPS फोटो
- संस्थान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए संबंधित अनुमति प्रमाण पत्र
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग का विवरण और फोटो
- खाली भूमि के मामले में भवन निर्माण के बाद रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना बनाने संबंधी शपथ पत्र
इसलिए आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेज तैयार रखना जरूरी होगा।
नए नियमों का पालन करना होगा
रांची में Ranchi Boring Rules के तहत अब बोरिंग कराने से पहले कई शर्तें पूरी करनी होंगी।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था, नगर निगम की अनुमति और जरूरी दस्तावेज इसके अहम हिस्से हैं।
घरेलू बोरिंग के लिए अधिकतम 4 इंच की सीमा रखी गई है। वहीं, बिना अनुमति बोरिंग पर जुर्माने का प्रावधान है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इन नियमों, शर्तों या शुल्क में संशोधन करने का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा।
संबंधित भवन मालिकों और आवेदकों के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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