बिहार में Bihar MLC Election को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। विधानसभा चुनाव में बांकीपुर सीट जीतने के बाद जन सुराज पार्टी और उसके संस्थापक प्रशांत किशोर का मनोबल बढ़ा हुआ है। अब पार्टी ने विधान परिषद की 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कई सीटों पर संभावित प्रत्याशियों के नाम लगभग तय हो चुके हैं। वहीं कुछ सीटों को लेकर अभी मंथन जारी है।
बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर खुद अलग-अलग विधान परिषद क्षेत्रों का दौरा कर संभावित उम्मीदवारों का जायजा ले रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पांच क्षेत्रों का दौरा पूरा हो चुका है, जबकि तीन क्षेत्रों का दौरा अभी बाकी है।
सभी आठ क्षेत्रों का दौरा पूरा होने के बाद प्रत्याशियों के नामों की औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।
डॉ. दिव्या ज्योति जन सुराज में शामिल
विधान परिषद चुनाव की तैयारियों के बीच डॉक्टर दिव्या ज्योति जन सुराज पार्टी में शामिल हुई हैं। प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
उनके पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है। हालांकि दिव्या ज्योति ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्हें चुनाव लड़ने का कोई आश्वासन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि वह प्रशांत किशोर के नेतृत्व में काम करने के लिए पार्टी में शामिल हुई हैं।
सारण शिक्षक सीट पर अफाक अहमद के नाम की चर्चा
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधान पार्षद अफाक अहमद को एक बार फिर मैदान में उतारने की तैयारी की चर्चा है।
वर्ष 2023 में हुए उपचुनाव में अफाक अहमद ने 3,055 वोट हासिल किए थे। उन्होंने आनंद पुष्कर को करीब 674 मतों से हराया था।
उस चुनाव में प्रशांत किशोर ने उन्हें रणनीतिक समर्थन दिया था। इसके बाद से अफाक अहमद जन सुराज के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं।
मतदाता सूची को लेकर जन सुराज ने उठाए सवाल
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर जन सुराज की ओर से कथित गड़बड़ियों के आरोप भी लगाए गए हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराने की बात कही है।
हालांकि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची राजनीतिक दल या प्रत्याशी तैयार नहीं करते।
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी यानी ERO पात्र मतदाताओं से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन लेते हैं। इसके बाद दस्तावेजों की जांच कर प्रारूप निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाती है।
मतदाता सूची तैयार होने की प्रक्रिया क्या है?
राजनीतिक दल और प्रत्याशी प्रकाशित मतदाता सूची की जांच कर दावा-आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी की ओर से जांच और सत्यापन किया जाता है।
सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाती है। मतदान का अधिकार उसी अंतिम सूची में शामिल पात्र मतदाताओं को मिलता है।
इसलिए चुनावी मतदाता सूची को लेकर किसी भी दावे पर अंतिम निर्णय निर्धारित चुनावी प्रक्रिया और संबंधित अधिकारी की जांच के बाद होता है।
तिरहुत सीट पर भी पार्टी की रणनीति
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर भी जन सुराज की रणनीति सामने आती दिख रही है। यहां वर्तमान विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी को टिकट देने पर सहमति बनने की चर्चा है।
ब्रजवासी ने दिसंबर 2024 के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की थी। उन्हें 23,003 वोट मिले थे।
उन्होंने जन सुराज के डॉ. विनायक गौतम को 10,195 मतों से पीछे छोड़ा था।
वहीं तिरहुत शिक्षक सीट के लिए भूषण झा के नाम पर भी पार्टी स्तर पर विचार होने की बात सामने आ रही है।
कोसी और दरभंगा सीट पर भी नामों की चर्चा
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज की ओर से रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है।
वहीं दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सुरेश प्रसाद राय के नाम पर सहमति बनने की बात कही जा रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अगले चार-पांच दिनों में सभी प्रत्याशियों के नाम औपचारिक तौर पर घोषित किए जा सकते हैं।
8 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी
जन सुराज की ओर से विधान परिषद की आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पार्टी स्तर पर संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन चल रहा है।
प्रशांत किशोर के अलग-अलग क्षेत्रों के दौरे को भी इसी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। पांच क्षेत्रों का दौरा पूरा होने और तीन क्षेत्रों का दौरा बाकी रहने की बात पार्टी सूत्रों ने कही है।
Bihar MLC Election में जन सुराज की रणनीति
Bihar MLC Election में जन सुराज की रणनीति फिलहाल सिर्फ उम्मीदवारों के चयन तक सीमित नहीं दिख रही है।
पार्टी संगठन विस्तार, संभावित उम्मीदवारों की स्थिति और मतदाता सूची की निगरानी जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दे रही है।
अब सभी आठ क्षेत्रों का दौरा पूरा होने और प्रत्याशियों के नामों की औपचारिक घोषणा का इंतजार है। इसके बाद विधान परिषद चुनाव में जन सुराज की चुनावी रणनीति और ज्यादा स्पष्ट हो सकती है।

