Bihar Flood Update: बिहार में बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। राज्य की कई प्रमुख नदियां अलग-अलग जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन और घाघरा नदियों की स्थिति कई इलाकों में चिंता बढ़ा रही है।
हालांकि, सभी जगह हालात एक जैसे नहीं हैं। कुछ स्थानों पर नदियों का जलस्तर कम हो रहा है, तो कई जगह पानी लगातार बढ़ रहा है। खासकर गंगा नदी का रुख अलग-अलग स्थानों पर अलग दिखाई दे रहा है।
पटना के दीघा और गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर कम हुआ है। वहीं हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में पानी बढ़ रहा है। इससे नदी किनारे के इलाकों में चिंता बनी हुई है।
गंडक नदी कई जगह खतरे के निशान से ऊपर
गंडक नदी का पानी डुमरियाघाट और हाजीपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।
डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर 62.77 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि, यहां पानी कम होने का रुख है।
हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर 50.47 मीटर दर्ज किया गया। यहां नदी खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हाजीपुर में भी पानी कम होने की स्थिति है।
इस तरह गंडक के दोनों प्रमुख स्थानों पर फिलहाल जलस्तर में कमी का रुख देखने को मिल रहा है।
कोसी नदी में कहीं राहत, कहीं बढ़ रहा पानी
कोसी नदी की स्थिति भी अलग-अलग इलाकों में अलग है। बलतारा में कोसी का जलस्तर 35.13 मीटर दर्ज किया गया है। यहां नदी का पानी नीचे जा रहा है।
वहीं कुरसेला में कोसी नदी का जलस्तर 31.28 मीटर दर्ज किया गया है और यहां पानी बढ़ रहा है।
इससे साफ है कि कोसी नदी के अलग-अलग हिस्सों में जलस्तर की स्थिति एक जैसी नहीं है। कहीं पानी कम होने से राहत के संकेत हैं, तो कहीं बढ़ते जलस्तर से चिंता बनी हुई है।
बागमती और बूढ़ी गंडक का जलस्तर बढ़ा
बागमती नदी का जलस्तर बेनीबाद में 48.93 मीटर दर्ज किया गया है। यहां नदी खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बेनीबाद में बागमती का पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी के आसपास के इलाकों में स्थिति पर नजर बनी हुई है।
खगड़िया में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 38.50 मीटर दर्ज किया गया है। यह खतरे के निशान से 1.92 मीटर ऊपर है। यहां भी नदी का पानी बढ़ रहा है।
पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.87 मीटर ऊपर
श्रीपालपुर में पुनपुन नदी का जलस्तर 53.47 मीटर दर्ज किया गया है। यहां नदी का पानी खतरे के निशान से 2.87 मीटर ऊपर पहुंच गया है।
पुनपुन नदी के जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। खतरे के निशान से काफी ऊपर पानी होने के कारण इस क्षेत्र की स्थिति भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
गंगा का जलस्तर: कहीं घटा, कहीं बढ़ा
Bihar Flood Update में सबसे अहम स्थिति गंगा नदी को लेकर सामने आ रही है। गंगा का जलस्तर पटना समेत कई स्थानों पर अलग-अलग दिशा में बढ़ रहा है।
पटना के दीघा में गंगा का जलस्तर 51.78 मीटर दर्ज किया गया है। गांधी घाट पर यह 50.41 मीटर है। वहीं हाथीदह में 43.52 मीटर, मुंगेर में 40.06 मीटर, भागलपुर में 34.44 मीटर और कहलगांव में 32.61 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है।
पटना के दीघा और गांधी घाट पर गंगा का पानी कम हुआ है। इसके विपरीत हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में जलस्तर बढ़ रहा है।
गांधी घाट पर गंगा का पानी खतरे के निशान से 1.81 मीटर ऊपर है। वहीं हाथीदह में गंगा खतरे के निशान से 1.76 मीटर ऊपर बह रही है।
बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में भी बदलाव
पिछले 24 घंटे में बिहार के प्रमुख बैराजों से नदियों में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में भी बदलाव हुआ है।
बीरपुर बैराज से कोसी नदी में पानी का डिस्चार्ज 2,16,025 क्यूसेक से घटकर 1,96,645 क्यूसेक हो गया है। यानी करीब 19,380 क्यूसेक की कमी दर्ज की गई है।
वहीं वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज 1,19,000 क्यूसेक से बढ़कर 1,21,500 क्यूसेक हो गया है। यानी पिछले 24 घंटे में करीब 2,500 क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई है।
इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में पानी का बहाव भी कम हुआ है। यहां डिस्चार्ज 1,88,257 क्यूसेक से घटकर 1,39,847 क्यूसेक रह गया है। यानी करीब 48,410 क्यूसेक की कमी दर्ज की गई है।
उत्तर बिहार में कई नदियों का पानी बढ़ा
उत्तर बिहार में गंडक, बागमती और बूढ़ी गंडक के कई हिस्सों में जलस्तर बढ़ रहा है। इन नदियों के आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।
दूसरी ओर, कोसी नदी के कुछ हिस्सों में पानी कम हुआ है। इससे कुछ इलाकों में राहत के संकेत जरूर हैं। लेकिन कई जगह नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
इस वजह से उत्तर बिहार में नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखना जरूरी बना हुआ है।
मध्य और दक्षिण बिहार में भी गंगा का अलग-अलग रुख
मध्य और दक्षिण बिहार में गंगा नदी का जलस्तर भी हर जगह एक जैसा नहीं है।
पटना के दीघा और गांधी घाट पर पानी कम हुआ है। वहीं हाथीदह से लेकर कहलगांव तक कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ रहा है।
इस तरह गंगा के अलग-अलग हिस्सों में पानी के बढ़ने और घटने की स्थिति सामने आ रही है। नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है।
Bihar Flood Update: कई नदियों पर नजर, स्थिति अभी भी गंभीर
Bihar Flood Update के मुताबिक बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, गंगा और पुनपुन समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
कुछ जगह पानी घटने से राहत के संकेत हैं। वहीं कई इलाकों में जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है।
गंगा का रुख भी स्थान के हिसाब से अलग है। पटना के कुछ हिस्सों में पानी कम हुआ है, जबकि हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में जलस्तर बढ़ा है।
ऐसे में बिहार में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनी हुई है। आने वाले समय में नदियों के जलस्तर में होने वाला बदलाव कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
Bihar Flood Update की प्रमुख बातें
- गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, गंगा और पुनपुन कई जगह खतरे के निशान से ऊपर हैं।
- डुमरियाघाट में गंडक 55 सेंटीमीटर ऊपर है।
- हाजीपुर में गंडक 15 सेंटीमीटर ऊपर है।
- बेनीबाद में बागमती 25 सेंटीमीटर ऊपर है।
- खगड़िया में बूढ़ी गंडक 1.92 मीटर ऊपर है।
- श्रीपालपुर में पुनपुन 2.87 मीटर ऊपर है।
- गांधी घाट पर गंगा 1.81 मीटर ऊपर है।
- हाथीदह में गंगा 1.76 मीटर ऊपर है।
- बीरपुर बैराज से कोसी का डिस्चार्ज कम हुआ है।
- वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक का डिस्चार्ज बढ़ा है।
- इंद्रपुरी बैराज से सोन का डिस्चार्ज कम हुआ है।

