पटना में आयोजित बिहार राज्य महिला आयोग के रजत जयंती समारोह का एक वीडियो चर्चा में है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री Nishant Kumar के माइक संभालते ही सामने बैठे लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिए।
इस दौरान ‘जय-जय निशांत’ के नारे सुनाई दिए। सामने महिलाओं की भी बड़ी संख्या मौजूद थी। अचानक हुई नारेबाजी से कार्यक्रम का माहौल बदल गया।
बताई गई जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम 19 सितंबर को पटना के बापू सभागार में आयोजित हुआ था।
माइक संभालते ही लगे ‘जय-जय निशांत’ के नारे
बिहार राज्य महिला आयोग के रजत जयंती समारोह में कई बड़े नेता और गणमान्य लोग मौजूद थे। इसी दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने माइक संभाला।
उनके माइक संभालते ही सामने बैठे लोगों ने उत्साह के साथ नारे लगाए। इस दौरान ‘जय-जय निशांत’ की आवाज सुनाई दी।
बताई गई जानकारी के मुताबिक, नारेबाजी के दौरान महिलाओं की संख्या भी काफी थी।
निशांत कुमार भी अचानक हुई इस प्रतिक्रिया से हैरान नजर आए। उनके नाम पर नारे क्यों लगाए जा रहे हैं, यह उन्हें भी तत्काल समझ नहीं आया।
कार्यक्रम से जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
कार्यक्रम में मौजूद थे कई बड़े नेता
बापू सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। उनके अलावा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और मंत्री श्रवण कुमार समेत कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसी मंच पर निशांत कुमार के माइक संभालने के बाद नारेबाजी हुई।
कार्यक्रम मूल रूप से बिहार राज्य महिला आयोग के रजत जयंती समारोह के तौर पर आयोजित किया गया था। इसलिए इसमें महिलाओं की बड़ी भागीदारी भी रही।
यह भी पढ़े : Bihar Politics: सम्राट चौधरी से मिले अमर कुमार बाउरी, बिहार-झारखंड के मुद्दों पर चर्चा
Nishant Kumar को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा
नारेबाजी का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर निशांत कुमार को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कुछ समर्थक उन्हें बिहार की राजनीति में उभरता चेहरा बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोग उन्हें जनता से जुड़ने वाला नेता बताते हुए प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स उन्हें नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत से भी जोड़ रहे हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर समर्थकों की टिप्पणियां किसी नेता की लोकप्रियता का स्वतंत्र प्रमाण नहीं मानी जा सकतीं। इसलिए इस वीडियो को कार्यक्रम में मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद बढ़ी सार्वजनिक सक्रियता
निशांत कुमार पिछले कुछ समय से बिहार की राजनीति में लगातार चर्चा में हैं। स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर उनकी सार्वजनिक गतिविधियां भी सामने आती रही हैं।
अस्पतालों के निरीक्षण और मरीजों से बातचीत से जुड़ी उनकी गतिविधियों को लेकर भी खबरें आई हैं।
इसके अलावा, हाल में जनता दल (यूनाइटेड) के आधिकारिक कार्यक्रम में भी उनकी सक्रियता दिखाई दी।
18 सितंबर को जेडीयू के एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम में निशांत कुमार ने पार्टी के विधायकों और अन्य नेताओं को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत और उनके शासन मॉडल का उल्लेख किया।
JDU मंच पर भी नजर आए निशांत कुमार
18 सितंबर का जेडीयू कार्यक्रम निशांत कुमार के राजनीतिक सफर के लिहाज से भी चर्चा में रहा।
रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्यक्रम में उन्होंने नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने और उनके काम को जनता तक पहुंचाने की बात कही।
इसी वजह से पिछले कुछ दिनों में निशांत कुमार की राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा बढ़ी है।
हालांकि, उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर अलग-अलग राजनीतिक विश्लेषण और मीडिया रिपोर्ट सामने आए हैं। जेडीयू की ओर से तत्काल किसी औपचारिक उत्तराधिकारी की घोषणा की जानकारी इस खबर के संदर्भ में सामने नहीं है।
महिलाओं के कार्यक्रम में नीतीश कुमार के काम का जिक्र
महिला आयोग के रजत जयंती समारोह में निशांत कुमार ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर भी बात की।
उन्होंने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद 2005 से NDA सरकार के कार्यकाल में महिलाओं के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
इस दौरान उन्होंने कहा, “मुझे गर्व है कि मेरे पिताजी ने महिलाओं के लिए बहुत काम किए।”
निशांत कुमार का यह बयान कार्यक्रम के विषय से भी जुड़ा था। समारोह में बिहार राज्य महिला आयोग की 25 वर्षों की यात्रा को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
Also follow us : https://www.facebook.com/share/1K8qrxM9Lc/?mibextid=wwXIfr5
राजनीतिक विरासत को लेकर बढ़ी चर्चा
निशांत कुमार के हालिया सार्वजनिक कार्यक्रमों ने बिहार की राजनीति में उनके भविष्य को लेकर चर्चा बढ़ाई है।
18 सितंबर के जेडीयू कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी और संबोधन के बाद कई मीडिया रिपोर्टों ने उनकी बढ़ती राजनीतिक भूमिका पर ध्यान दिया।
इसके बाद महिला आयोग के कार्यक्रम में उनके नाम पर हुई नारेबाजी भी चर्चा का विषय बन गई।
किसी कार्यक्रम में नारे लगना अपने आप में व्यापक जनसमर्थन का अंतिम प्रमाण नहीं है। इसके लिए अलग और स्वतंत्र जनमत संबंधी आंकड़ों की जरूरत होगी।
‘जय-जय निशांत’ के वीडियो ने बढ़ाई उत्सुकता
बापू सभागार के कार्यक्रम से सामने आया वीडियो अब चर्चा में है। वीडियो में निशांत कुमार के माइक संभालने के बाद नारेबाजी सुनाई देती है।
इस घटना ने निशांत कुमार की हालिया राजनीतिक सक्रियता को लेकर चल रही चर्चा को और ध्यान खींचने वाला बना दिया है।
एक तरफ वह स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर, जेडीयू के मंच पर भी उनकी भूमिका सामने आई है।
फिलहाल, Nishant Kumar को लेकर राजनीतिक चर्चा का दायरा बढ़ रहा है। महिला आयोग के कार्यक्रम में हुई नारेबाजी इसी चर्चा की एक नई कड़ी बनकर सामने आई है।
अब आगे जेडीयू में उनकी भूमिका किस तरह विकसित होती है, इस पर राजनीतिक घटनाक्रम के साथ नजर बनी रहेगी।
Also follow us : https://youtube.com/shorts/E6vrONakHgc?si=N3IuYrvpp4ZIwIp

